Karnataka ट्रेडिशन की धरती भी है और टेक्नालजी की भी, प्रधानमंत्री

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दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आज कर्नाटक की संस्कृति, परंपराओं और इतिहास का जश्न मनाने के लिए दिम दिमावा सांस्कृतिक उत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्नाटक traditions की धरती भी है और टेक्नालजी की धरती भी है। यहां historic culture भी है और modern artificial intelligence भी है। बता दें कि कर्नाटक में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.

कर्नाटक के बिना भारत को परिभाषित नहीं कर सकते

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की परंपराएं हों या भारत की प्रेरणाएं हों, कर्नाटक के बिना हम भारत को परिभाषित नहीं कर सकते हैं। पौराणिक काल से भारत में कर्नाटक की भूमिका तो हनुमान की रही है। हनुमान के बिना न राम होते हैं, न रामायण बनती है। युग परिवर्तन का कोई मिशन अगर अयोध्या से शुरू होकर रामेश्वरम जाता है, तो उसको शक्ति कर्नाटक में ही मिलती है।

कर्नाटक श्री अन्न का प्रमुख केंद्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समय दुनिया अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स दिवस मना रही है। कर्नाटक तो श्री अन्न का प्रमुख केंद्र रहा है। आज जब पूरी दुनिया श्री अन्न के लाभ और ज़रूरतों को समझ रही है, आने वाले समय में इसकी मांग और बढ़ने वाली है. मांग बढ़ेगी तो कर्नाटक के छोटे किसानों का लाभ होगा। केंद्र की भाजपा सरकार ने लंबे समय से चली आ रही अपर भद्रा प्रोजेक्ट की मांग को पूरा करने का प्रयत्न कर रही है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर तुमकुरु, चित्रदुर्ग , चिकमगलुरू, और दावणगेरे सहित मध्य कर्नाटक के बड़े सूखा प्रभावित क्षेत्र को फायदा होगा। आज एक ओर भारत अपने प्राचीन मंदिरों को, सांस्कृतिक केन्द्रों को पुनर्जीवित कर रहा है, तो साथ ही हम डिजिटल पेमेंट के मामले में वर्ल्ड लीडर भी हैं। आज का भारत हमारी सदियों पुरानी चोरी हुई मूर्तियों को, artifacts को विदेशों से वापस ला रहा है और आज का भारत विदेशों से रिकॉर्ड FDI भी लेकर आ रहा है। आज जब भारत G-20 समूह की अध्यक्षता कर रहा है.

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