राज्यसभा चुनावों में कांग्रेस के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने कौशल से प्रदेश से अपने तीनों उम्मीदवारों को जीत दिला दी, कहा जा रहा था कि सुभाष चंद्र के मैदान में उतरने से कांग्रेस के लिए अपने तीसरे उम्मीदवार प्रमोद तिवारी को कामयाबी दिलाना आसान नहीं होगा लेकिन अशोक अशोक गहलोत ने फिर साबित कर दिया कि मैनेजमेंट क्या होता है। कांग्रेस पार्टी और अशोक गेहलोत के लिए यह एक बड़ी कामयाबी कही जायेगी।
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बता दें कि राजस्थान में मीडिया किंग सुभाष चंद्रा को एक तरह से भाजपा ने आज़ाद उम्मीदवार के रूप में उतारा था, भाजपा ने अपने आधिकारिक उम्मीदवार से बचे हुए वोट सुभाष चंद्रा को ट्रांसफर कर दिए थे, ऐसा माना जा रहा था कि राजस्थान में जमकर विधायकों की खरीद फरोख्त होगी, निगाहें आज़ाद विधयकों पर टिकी हुई थीं, माना जा रहा था कि सुभाष चंद्रा इन्हें आसानी से तोड़ लेंगे।
बात करें वोट मिलने की तो यहां से रणदीप सुरेजवाला को 43 , मुकुल वासनिक को 42 वोट, भाजपा के घनश्याम तिवाड़ी को 43 वोट और कांग्रेस के तीसरे उम्मीदवार प्रमोद तिवारी को 41 वोट मिले। वहीं मीडिया किंग सुभाष चंद्रा को सिर्फ 30 वोट मिले जो सभी भाजपा विधयकों के माने जारी हैं। बता दें कि मुकुल वासनिक को भी 43 वोट मिले थे लेकिन उनका एक वोट रिजेक्ट हो गया था।
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है और उम्मीद जताई है कि जीतने वाले तीनों सांसद उच्च सदन में राजस्थान की मज़बूती से पैरवी करेंगे। वहीँ भाजपा के गुलाब चंद कटारिया ने स्वीकार किया कि उनके पास सिर्फ उम्मीदवार को जिताने का बहुमत था, वहीं क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायक पर कार्रवाई की बात भी कही। दूसरी तरफ महाराष्ट्र और हरियाणा के नतीजे अभी नहीं आये हैं, कर्णाटक में उम्मीद के मुताबिक भाजपा के तीन और कांग्रेस का एक उम्मीदवार राज्यसभा पहुंचा है।

