मेरठ। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के एलएलबी के छात्र को गोली मारने की घटना के बाद छात्रों में दहशत का माहौल है। घटना के बाद से आईआईएमटी विश्वविद्यालय संचालक और प्रशासक भी चुप्पी साधे हुए हैं। ऐसे में आईआईएमटी विश्वविद्यालय के छात्रों में दहशत का माहौल है। छात्र आईआईएमटी विश्वविद्यालय से पलायन की स्थिति में हैं। फीस के रूप में मोटी रकम पाठयक्रमों के लिए छात्रों ने जमा की थी। लेकिन इस घटना के बाद से अब छात्र बिना अपनी फीस लिए ही आईआईएमटी विश्वविद्यालय परिसर छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। बता दें कि छात्र छात्राओं को आईआईएमटी विश्वविद्यालय प्रशासन भी सुरक्षा की गारंटी देने की स्थिति में नहीं है। अभी तक विश्वविद्यालय के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का कोई बयान नहीं जारी हुआ है। इस बारे में जब आईआईएमटी विश्वविद्यालय के योगेश मोहन गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने भी गोलमोल जवाब दिया। वहीं पुलिस अब आईआईएमटी विश्वविद्यालय के पुराने मामले भी खोलने की तैयारी में हैं। बता दें कि अगर आईआईएमटी विश्वविद्यालय संस्थापकों के पुराने कारनामों की परते उघड़नी शुरू हुईं तो काफी मुश्किल हो सकती है।
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वहीं आईआईएमटी विवि के एलएलबी के छात्र सचिन यादव को गोली मारने के मामले में अब पुलिस भाजपा नेता के भतीजे की हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी में है। भाजपा नेता अपने भतीजे को बचाने के लिए अब अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। इस पूरे मामले में पुलिस ने अब तक 32 युवक नामजद किए हैं। आईआईएमटी विवि के छात्र सचिन यादव को गोली मारने के मामले में पुलिस अब तक सात आरेापियेां को कोर्ट में पेश कर चुकी है। इनमें से छह को जेल भेजा जा चुका है। जबकि एक आरोपी को राजकीय बाल गृह संरक्षण भेजा है। गोलीकांड में शामिल भाजपा नेता का भतीजा कादिर और 25 आरोपी अभी फरार हैं।

