- कॉन्सुलर एक्सेस अभी तक नहीं दी है पाकिस्तान ने
- हरीश साल्वे ने कहा, पाक का रवैया गैरजिम्मेदाराना हम फिर जाएंगे आईसीजे
नई दिल्ली।नेवी के पूर्व ऑफिसर कुलभूषण जाधव को जासूसी का झूठा आरोप लगाकर पाकिस्तान ने अरेस्ट कर लिया था. इंडिया लगातार इसका विरोध करता आ रहा है. इंटरनेशनल कोर्ट से मामले में पाक को फटकार लगी थी. पाक को आईसीजे ने कुलभूषण को कॉन्सुलर एक्सेस देने के आदेश जारी किए थे. पाक ने अपने अड़ियल रवैये के चक्कर में अभी तक एक्स नेवी ऑफिसर को कॉन्सुलर एक्सेस मुहैया नहीं कराया है.पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने कहा है कि भारत फिर आईसीजे जा सकता है.
डोभाल ने बैकडोर से की थी कोशिश
कुलभूषण की रिहाई के लिए भारत सरकार ने पाकिस्तान से बैक डोर बातचीत की थी. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने खुद इसकी कमान संभाली थी. पाकिस्तान में समकक्ष नासिर खान जांजुआ से इसके लिए बात की थी. हालांकि पाक के अड़ियल रवैये के चलते यह बातचीत बेनतीजा रही. इस बात का खुलासा पूर्व सॉलिसिटर जनरल और अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में भारत की तरफ से कुलभूषण की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने किया. शनिवार को वह वह अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद की ओर से हुए एक ऑनलाइन संवाद में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लंदन से जुड़े थे.
पाक ने घमंड का मामला बनाया
एक ऑनलाइन लेक्चर में रिटायर्ड नेवी ऑफिसर कुलभूषण जाधव से जुड़े मामले की जानकारी देते हुए हरीश साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान ने इसे घमंड का मामला बना लिया है. हमलोगों ने पाकिस्तान को कई खत लिखे हैं, वे हमेशा इनकार करते रहते हैं. हरीश साल्वे ने कहा, मुझे लगता है कि हम उस पॉइंट पर पहुंच गए हैं, जहां हमें ये तय करना पड़ सकता है कि क्या हमें फिर से इंटरनेशनल कोर्ट जाना चाहिए ताकि एक बार फिर से पाकिस्तान को दिशा-निर्देश दिया जा सके, पाकिस्तान पिछले आदेश पर एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा है.
पाकिस्तान का झूठा आरोप
पाकिस्तान ने जाधव पर जासूसी का बेबुनियाद और झूठा आरोप लगाया है. वहां की एक सैन्य कोर्ट ने (जिसका वजूद अब खत्म हो चुका है) कुलभूषण जाधव को मौत की सजा सुनाई है. इस वक्त वे पाकिस्तान में बंद हैं. पाकिस्तान ने उन्हें अवैध तरीके से गिरफ्तार किया है. भारत जब इसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत गया तो जुलाई 2019 में कोर्ट ने पाकिस्तान को कहा कि वो अदालत के फैसले पर प्रभावी रूप से पुनर्विचार करे और बिना देर किए भारत को कुलभूषण जाधव से मिलने दे.

