- अखिलेश यादव को इतिहास पढ़ने की दी नसीहत
मुरादाबाद। जिन्ना का अखिलेश यादव का पीछा नहीं छोड़ रहा है। भाजपा और बसपा के साथ एआईएमआईएम भी जिन्ना को लेकर दिये गये बयान पर सपा प्रमुख पर लगातार निशाना साध रही है। एआईएमआईएम अध्यक्ष ओवैसी ने तो अखिलेश यादव को इतिहास पढ़ने की नसीहत तक दे डाली।
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मुरादाबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए एआईएमआईएम अध्यक्ष ओवैसी ने कहा कि अखिलेश यादव ने जिन्ना का जिक्र किया था। औवेसी ने अखिलेश की ओर इशारा करते हुए कहा, आप पढ़ लिजिये, भारत को तोड़ने और पाकिस्तान बनाने वाले का नाम जिन्ना था। ओवैसी ने कहा कि मुझे उम्मीद कि आप (अखिलेश यादव) फिर से ऐसी गलती नहीं करेंगे।
आरएसएस, भाजपा और सपा के लोगों को न पढ़ने वाला बताते हुए ओवैसी ने कहा कि भारत का बंटवारा मुसलमानों के कारण नहीं बल्कि जिन्ना की वजह से हुआ। उस समय सिर्फ प्रभावशाली, नवाब या डिग्रीधारक मुसलमान ही वोट करते थे। औवैसी ने कांग्रेस और उस समय के नेताओं को बंटवारे के लिये जिम्मेदार ठहराया।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के धुर विरोधी ओवैसी ने कुछ दिन पहले एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत के मुसलमानों का जिन्ना से कोई संबंध नहीं है। ओवैसी ने अखिलेश यादव के जिन्ना को लेकर दिये गये बयान को गलत ठहराते हुए कहा था कि इस तरह की बातों से कोई भी मतदाता खुश नहीं होगा। अखिलेश यादव को अपना सलाहकार बदलने के साथ इतिहास पढ़ने की जरूरत है।
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गौरतलब है कि बीती 31 अक्टूबर को एक जनसभा को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा था कि सरदार पटेल, महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरु और मोहम्मद अली जिन्नाएक ही संस्थान से पढ़ाई करने के बाद बैरिस्टर बने और एक साथ मिलकर देश को आजादी दिलाने के लिये लडे़। जिन्ना को लौह पुरुष बताते हुए अखिलेश यादव ने कहा था कि जिन्ना नेएक विचारधारा (आरएसएस) पर बैन लगा दिया था। इस बयान पर आलोचना होने के बाद भी अखिलेश यादव ने अपने बयानों अडिग रहने की बात कही है।

