Gujarat Chunavi Dangal – गुजरात में चुनावी रंग गहराता जा रहा है और साथ ही नेताओं के भाषणों में गहराता जा रहा है विपक्षियों पर आरोपों का सिलसिला। भले ही दशकों से सरकार आप की पार्टी की हो, भले ही प्रदेश का सबसे पड़ा दंगा आपकी पार्टी के ही सत्ता काल में हुआ हो, भले ही जितनी ड्रग्स पिछले कुछ महीनों में गुजरात के बंदरगाहों से बरामद हुई हो उतनी ड्रग्स गुजरात के पूरे इतिहास में न बरामद की गयी हो लेकिन यह सारे आरोप आप 27 साल पहले वाली सरकार पर लगा रहे हैं. ऐसा सिर्फ भाजपा के नेता ही कर सकते हैं.
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जी हाँ केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के चाणक्य अमित शाह आज गुजरात में थे, पुलिस आवास परियोजनाओं का उद्घाटन कर रहे थे और साथ ही 27 पहले गुजरात में शासन करने वाली कांग्रेस पार्टी पर हमले कर रहे थे. कांग्रेस पर आज लगाए गए उनके आरोपों को सुनिए आपको भी मज़ा आएगा। अमित शाह जी का कहना था कि कांग्रेस के शासनकाल में लगभग पूरे साल भर गुजरात में कर्फ्यू लगा रहता था. नशीली दवाओं की तस्करी होती थी, हतिहयारों और गोलाबारूद की समग्लिंग होती थी. आये दिन सांप्रदायिक दंगे होते रहते थे, घर से निकले आदमी के लिए यह गारंटी नहीं होती थी कि वह घर वापस लौटेगा या नहीं, बाजार फैक्ट्रियां बंद होने लगी थीं.
अब अगर अमित शाह के इन सारे आरोपों को देखें तो ऐसा लगता है कि 27 पहले गुजरात का, गुजरात के व्यापारियों, बाज़ारों का कोई वजूद ही नहीं था, इस दौरान भाजपा सरकार भी वहां पर रही थीं, अमित शाह के मुताबिक गुजरात का वजूद तब सामने आया जब नरेंद्र दामोदर दास मोदी को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया, दंगों का दावा करते हुए शाह जी शायद यह भूल गए कि प्रदेश का सबसे दंगा तो मोदी जी के काल में ही हुआ. रही बात ड्रग्स की तो 27 साल का हिसाब छोड़िये, पिछले कुछ महीनों ही हिसाब अगर लगा लें तो हज़ारों करोड़ का ड्रग्स गुजरात के बंदरगाहों से बरामद हो चूका है, यही हाल सीमा पर हथियारों के मिलने का भी है. साल भर कर्फ्यू की बात से तो गुजरात के व्यापारी भी हंसी रोक नहीं पा रहे होंगे। आदमी की घर वापसी की गारण्टी न होने की बात पर तो ऐसा लग रहा है कि बात गुजरात की नहीं कश्मीर की की जा रही है.
दरअसल नेताओं के इस तरह के भाषणों से कभी कभी ऐसा लगता है कि सामने जो पब्लिक बैठी है वह एक तरह से मूर्ख है, इसे जो भी बताओं यह सच मान लेगी। अजीब सा चलन चल गया है देश की राजनीती में. झूठ ऐसे बोलो और इतना बोलो कि सब कुछ सच नज़र आये. अब पटना नहीं भाजपा नेता ने आज जो कुछ कहा उसे वह कितना सच मान रही है.

