लखनऊ। पॉवर ऑफिसर्स एसोसिएशन (Power Officers Association) ने चेयरमैन एम देवराज से ऊर्जा निगमों के खाली पदों को भरने की मांग की है। साथ ही उन्हें एसोसिएशन की ओर से पांच सूत्रीय मांगपत्र भी सौंपा गया है। इसके अलावा नई सरकार के गठन के बाद भविष्य की सुधारात्मक कार्ययोजनाओं पर भी चर्चा की गई है। एसोसिएशन की ओर से दावा किया गया है कि चेयरमैन एम देवराज ने उनकी मांगों और सुझावों को लेकर सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया है।
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उत्तर प्रदेश पावर आफिसर्स एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को पावर कारपोरेशन के चेयरमैन एम देवराज से मिलने गया था। जिसमें एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में पावर कारपोरेशन के चेयरमैन एम देवराज से मिला और उनसे विभिन्न मुद्दों पर वार्ता करते हुए 5 सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पावर कारपोरेशन प्रबंधन को आश्वस्त किया कि नई सरकार बनने के बाद ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास करना बहुत ही जरूरी है। पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में जहां गैर सरकारी राजस्व 55 हजार करोड़ साल में आना चाहिए, वह मात्र 45 हजार करोड़ आ रहा है। जिसमें बढ़ोत्तरी के लिए एसोसिएशन कृत संकल्पित है। एसोसिएशन ने अपनी 5 सूत्रीय मांगों को चेयरमैन पावर कारपोरेशन के सामने रखते हुए उस पर त्वरित कार्यवाही की मांग की और ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हर सहयोग करने का भरोसा प्रबंधन को दिलाया।
पावर कारपोरेशन (Power corporation) के चेयरमैन से मिलने वाले प्रतिनिधमंडल में शामिल उत्तर प्रदेश पावर आफिसर्स एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष योगेश कुमार, पीएम प्रभाकर, एसपी सिंह, महासचिव अनिल कुमार, सचिव आरपी केन के अतरिक्त महासचिव अजय कुमार, संगठन सचिव रामबरन ने अपनी मांगों में प्रमुख रूप से यह मुद्दा उठाया की प्रदेश के सभी बिजली कंपनियों में गर्मी के मद्देनजर स्टोरों में उपभोक्ता सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाय। ईआरपी का सफल संचालन हो, इसके लिए जरूरी है की ईआरपी को लागू करने वाली एजेंसी पर प्रबंधन स्तर से निर्देश जारी किए जाएं। जिससे कि ईआरपी में आ रहे व्यवधानों को दूर किया जाए। जिससे सुचारू रूप से कार्य तेज हो सके। 1992 और 1995 बैच के अनेकों अधिशासी अभियंता आज भी जो अधीक्षण अभियंता के पद पर प्रोन्नत इसलिए नहीं हो पाए हैं क्योंकि शासन स्तर से सामूहिक रूप से आरजीजीवीवाई योजना की सामूहिक जांच में उनका प्रकरण भी शामिल है, ऐसे में केस-टू-केस बेसिस उनके प्रकरणों का निस्तारण अभिलंब कराया जाए। जिससे उनकी प्रोन्नति का रास्ता साफ हो सके।
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एसोसिएशन ने सभी बिजली निगमों में अभियंताओं व कार्मिकों के रिक्त पदों पर अबिलंब भर्ती कराए जाने की भी मांग उठाई। एसोसिएशन ने अपनी मांगों में यह मुद्दा भी उठाया कि अनुशासनात्मक कार्यवाही के उन मामलों में, जिनमें अभियंताओं को जानबूझकर फंसाया गया है, उनके मामलों में पारदर्शिता अपनाते हुए प्रबंधन स्तर से उनको संरक्षण दिया जाए। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पावर कारपोरेशन प्रबंधन को यह भी अवगत कराया कि वर्तमान में जब जल्द ही नई सरकार का गठन होना है, ऐसे में राजस्व वसूली का मामला हो, चाहे लाइन लॉस में कमी का मामला हो, चाहे वह अभियान जो आचार संहिता के वजह से रुका हुआ था, उस में तेजी लाने के लिए एसोसिएशन के सभी सदस्यों को पूरे प्रदेश में निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

