हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की मौत के बाद उसके करीबियों पर पुलिस कसती जा रही शिकंजा
कानपुर। उत्तर प्रदेश के जिला कानपुर के गांव बिकरू का हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का पुलिस हिरासत में भागने के दौरान इनकाउंटर कर दिया गया था। सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में पुलिस ने 44 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं छह आरोपियों को पुलिस ने इनकाउंटर में ढेर कर दिया था। अब जेल में बंद 44 आरोपियों के खिलाफ पुलिस एनएसए की कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
बीते साल 2 जुलाई को गुंडई और दबंगई के लिए कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने के लिये पुलिस कानपुर जिले के बिकरू गांव में दबिश देने गयी थी तो विकास दूबे और उसके साथियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। पुलिस टीम को घेरकर सीओ सहित 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करने से पुलिस विभाग दहल गया था। इसके बाद पुलिस ने विकास दूबे और उसके साथियों की घेराबंदी करना शुरू कर दिया। पुलिस कार्रवाई में विकास दूबे को गिरफ्तार किया गया। पुलिस हिरासत से भागने के प्रयास कर रहे विकास दूबे को पुलिस ने इनकाउंटर कर मार गिराया था। इस मामले में अब तक पचास आरोपियों पर कार्रवाई की गयी जिनमें 44 जेल में बंद हैं और 6 आरोेपी इनकाउंटर में मारे जा चुके हैं।
अब जेल में बंद अभियुक्तों के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। कानपुर जोन के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल ने बताया कि विकास दुबे के खास माने जाने वाले शिवम पर एनएसए की कार्रवाई की शुरुआत की गई है। बाकी आरोेपियों पर एनएसए की कार्रवाई की जाएगी।

