तुष्टीकरण छोड़ अब कट्टे और सट्टे पर निशाना साध रहे प्रधानमंत्री मोदी

विधानसभा चुनावतुष्टीकरण छोड़ अब कट्टे और सट्टे पर निशाना साध रहे प्रधानमंत्री मोदी

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तुष्टीकरण छोड़ अब कट्टे और सट्टे पर निशाना साध रहे प्रधानमंत्री मोदी

मेरठ। तीन चरण के मतदान समाप्त हो चुका है। इसी बीच अब चौथे चरण की चुनाव की तैयारी है। चौथे चरण में आगामी 23 तारीख को वोट डाले जाएंगे। इस चौथे चरण के मतदान का चुनावी प्रचार जोरों पर है। पहले चरण से लेकर तीसरे चरण तक और अब चौथे चरण में भी देश के प्रधानमंत्री के चुनावी भाषण का टोन बदल गया है। पहले चरण में जहां उन्होंने सांप्रदायिकता और मुजफ्फरनगर दंगों की याद दिलाकर वोटों के ध्रुवीकरण की कोशिश की थी। लेकिन उनका ये दांव फेल हो गया। इसके बाद फिर दूसरे चरण में भी यही चुनावी भाषण दिया गया। लेकिन यहां भी भाजपा का अस्त्र नहीं चला।

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तीसरे चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण पूरी तरह से परिवारवाद और जातिवाद पर आधारित रहा। अब चौथे का चरण का मतदान 23 फरवरी को है तो इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब कट्टा और सट्टा पर निशाना साध रहे हैं। यहां पर पीएम मोदी के भाषण में सांप्रदायिकता वाद और तुष्टीकरण पूरी तरह से गायब है। तीसरे चरण के मतदान के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में एक जनसभा संबोधित की। इस जनसभा में उन्होंने विपक्षी दलों पर हमला बोला। यहां पर उन्होंने तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप कांग्रेस,सपा और बसपा पर लगाते हुए कहा कि उन्हें 10 मार्च को जनता जवाब देगी। वहीं उन्होंने कहा कि कट्टा और सट्टा वालों को कैसे इन लोगों ने छूट दे रखी थी ये हरदोई वालों ने देख लिया है। पीएम मोदी ने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन लोगों ने 2017 तक कोई काम नहीं करने दिया।

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वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ही हास्याप्रद बात अपने भाषण में कहीं कि वो जब 2014 में प्रधानमंत्री बने तो उसके बाद लेकर 2017 तक इन परिवारवादियों ने उनका साथ नहीं दिया। पीएम मोदी ने कहा कि पहले माफियावादियों ने प्रदेश का हाल बेहाल किया हुआ था। व्यापार करने में व्यापारी डरते थे।

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