मेरठ। वीवो कंपनी के मोबाइल सर्विस सेंटर पर भी अब ग्राहकों को सुविधा के नाम पर आश्वासन मिल रहा है। मेरठ के वीवो सर्विस सेंटरों पर ही नहीं बल्कि गाजियाबाद,नोएडा और दिल्ली-गुरुग्राम में भी यहीं हाल हैं। बता दें कि वीवो कंपनी ने सर्विस सेंटरों के नाम पर स्थानीय मोबाइल मैकेनिकों से संपर्क कर उनको जिम्मेदारी सौंपी थी। स्थानीय मोबाइल मैकेनिकों के साथ हुए करार के मुताबिक सर्विस सेंटर और अन्य खर्चे सभी वीवो कंपनी को वहन करने थे। कंपनी मोबाइल मैकेनिकों को प्रति मोबाइल सेट रिपेयर कमीशन पर रख रही थी। लेकिन जब से वीवो कंपनी का फर्जीवाड़ा खुला है उसके बाद से इन सर्विस सेंटरों का किराया और मैकेनिक का मोबाइल रिपेयर कमीशन भी नहीं दिया जा रहा है।
जिसके चलते मोबाइल रिपेयर मैकेनिक भी फंस गए हैं। वो सर्विस सेंटर भी नहीं छोड़ सकते। सर्विस सेंटर भी इन्हीं लोगों की गारंटी देकर वीवो कंपनी ने खोले थे। गाजियाबाद में वीवो मोबाइल कंपनी का सर्विस सेंटर चलाने वाले मेरठ निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उनको नहीं पता था कि कंपनी इतनी बड़ी धोखाधड़ी कर सकती है।
बता दें कि वीवो मोबाइल कंपनी अब धीरे-धीरे भारत से अपना व्यापार समेटने की फिराक में है। वीवो मेाबाइल कंपनी के दो बडे़ अधिकारी भी देश छोड़कर जा चुकेे हैं। वहीं दूसरी ओर कंपनी के अधिकांश आउटलेट भी बंद हो चुके हैं। मेरठ में वीवो कंपनी के एक ही आईएमईआई पर करीब साढे़ तेरह सौ मोबाइल चलते पाए गए। जिसकी जांच मेरठ एडीजी और आईजी के निर्देश पर क्राइम ब्रांच और साइबर सेल कर रही है। इन सबका असर ये पड़ा कि वीवो के मोबाइलों से लोगों ने दूरी बनानी शुरू कर दी। जिसके चलते कंपनी को आर्थिक रुप से काफी नुकसान उठाना पड़ा है।

