त्योहारों का मौसम चल रहा है। दिवाली का सभी को इंतजार होता है। दिवाली से पहले नरक चतुर्दशी का पर्व आता है। तिथियों के संयोग के कारण इस बार नरक चतुर्दशी का पर्व दिवाली के दिन है। नरक चतुर्दशी को लेकर कुछ खास मान्यताएं भी है। इस दिन भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण ने नरकासुर नाम के दैत्य का वध कर उसकी कैद से 16 हजार महिलाओं को मुक्त कराया था। नरक चतुर्दशी में यम देव के लिए शाम के समय दीया जलाते हैं। कई महिलाएं नरक चतुर्दशी के दिन व्रत भी रखती हैं। घर की समृद्धि की कामना करती हैं। छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी के मौके पर ये पंाच काम करने चाहिए।
1 – नरक चतुर्दशी को रूप चौदस के नाम से भी जानते हैं। इस दिन सुबह जल्दी उठकर चेहरे और शरीर के अन्य अंगों में उबटन लगाए। उसके बाद पानी में नीम पत्ती डालकर स्नान करें। नरक चतुर्दशी के दिन उबटन और स्नान करना शुभ माना जाता है।
2 – छोटी दिवाली के दिन यमराज की पूजा की जाती है। इस दिन शाम के समय घर के दरवाजे पर यम देव के नाम का दीया जलाए। बताया जाता है कि यम देव के लिए दीपक जलाने से परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु नहीं होती है।
3 – नरक चतुर्दशी को जलाएं 14 दीपक
नरक चतुर्दशी के मौके पर यम देव के नाम का दीया के साथ सूर्यास्त के बाद घरों के दरवाजे पर चौदह दीये जलाकर दक्षिण की ओर मुंह करके रखें। नरक चौदस के नाम के इन चौदह दीयों का लौह परिवार सभी परेशानियों को खत्म कर देते हैं।
4:- श्रीकृष्ण की पूजा
छोटी दिवाली के दिन श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया इस कारण से इस दिन श्रीकृष्ण की पूजा करना शुभ माना जाता है। छोटी दिवाली के मौके पर श्रीकृष्ण की पूजा करने से मनोकामनाओं पूर्ति होती है।
5 – कालिका मां की विशेष पूजा
नरक चतुर्दशी को काली चौदस के नाम से भी जानते हैं। इस दिन माता कालिका की पूजा होती है। मां कालिका की पूजा अर्चना करने से संताप मिट जाता है और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

