लखनऊ। प्रदेश की राज्यसभा में 11 सीटों पर दलों ने अपनी शतरंज बिछानी शुरू कर दी है। भाजपा और सपा ने अभी तक मोहरे नहीं उतारे हैं। लेकिन माना जा रहा है कि इन 11 सीटों में से आठ भाजपा के पास आएगी जबकि तीन सपा के खाते में जा सकती है। आज मंगलवार को राज्यसभा की 11 सीटों पर चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन दाखिल करने प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। राज्यसभा की सभी 11 सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया 31 मई तक रहेगी।
यानी 31 मई तक उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद एक जून को नामांकन पत्रों की जांच और 3 जून नाम वापस लेने की तारीख है। 10 जून को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। यानी राज्यसभा की 11 सीटों पर खड़े प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा। उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना भी की जाएगी। बता दें, राज्यसभा में उप्र से 31 सांसद हैं। इनमें से 11 सदस्यों का कार्यकाल आगामी 4 जुलाई को खत्म हो रहा है।
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इस बार 11 राज्यसभा सीटों में से भाजपा को आठ और सपा को तीन सीट मिलना तय माना जा रहा है। विधानसभा में सत्ता दल भाजपा और उसके सहयोगी दलों के 273 विधायक हैं। जबकि सपा और उसके गठबंधन दल के 125 विधायक हैं। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक और कांग्रेस के दो-दो विधायक है। इसके बाद बसपा का एक विधायक सदन में है। जनसत्ता दल के दो विधायकों का समर्थन भाजपा को मिलेगा ऐसे संकेत मिल रहे हैं।
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जबकि कांग्रेस और बसपा का गठबंधन नहीं होने से दोनों दल के विधायक चुनाव से बाहर रह सकते है। एक सीट के लिए 36 विधायकों का वोट चाहिए होता है। भाजपा के पास 273 विधायक है। ऐसे में उन्हें प्रथम और द्वितीय वरीयता मतदान क्रम के आधार पर आठ सीट जीतना तय माना जा रहा है। जबकि सपा के पास 125 विधायक हैं। इस आधार पर समाजवादी पार्टी को 3 सीट मिलना तय है।

