तौक़ीर सिद्दीक़ी
विधानसभा चुनाव के तीन महीने बाद प्रियंका गाँधी ने आज लखनऊ में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को सम्बोधित किया। प्रियंका गाँधी ने इस मौके पर कहा कि नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा जी तोड़ कोशिश करने के बावजूद हम बुरी तरह हारे, यह एक कड़वी सच्चाई है और इसे हमें स्वीकारना होगा लेकिन हमें मायूस होने की ज़रुरत नहीं है
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प्रियंका ने लखनऊ में आयोजित संकल्प शिविर में कहा कि जो लोग मायूस हुए हैं वह छोड़कर जा चुके हैं लेकिन यहाँ जो लोग सामने हैं वह मायूस नहीं हैं, वह संकल्पित लोग हैं. प्रियंका ने कहा कि हमें यह मानना होगा कि हम लोगों की मेहनत के बावजूद कहीं न कहीं कुछ कमी ज़रूर रही है, हमें उस कमी को दूर करना होगा, जितनी मेहनत हम लोगों ने की उससे सौ गुनी ज़्यादा हमें मेहनत करनी होगी।
प्रियंका ने कहा कि भाजपा अपनी विधारधारा को घर घर पहुँचाने में कामयाब है लेकिन हम वह काम नहीं कर पा रहे हैं. समय की ज़रुरत यही है कि हम कांग्रेस की विचारधारा को गाँव गाँव घर घर पहुंचाएं और अहम ऐसा कर सकते हैं क्योंकि कांग्रेस पार्टी की पहचान आज भी गाँव गाँव में है. हमें उन्हें बताना है, भाजपा के दुष्प्रचार के बारे में उन्हें जागरूक करना है.
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प्रियंका ने कहा कि मुद्दा यह है कि आगे क्या करना है. प्रियंका ने कहा कि हमें उदयपुर में लिए गए संकल्पों को लागू करना है, हालाँकि यूपी में पहले से ही इसमें से कई बातें पहले ही लागू हैं. प्रियंका ने कहा कि हमसे चूक कहाँ हुई, उन्होंने कहा कि हम जनता से नहीं जुड़ सके और यहीं पर हम चूके हैं जनता से संवाद और संपर्क हम ठीक से बना नहीं पा रहे हैं. प्रियंका ने कहा कि पुराने समय में कांग्रेस के नेता सिर्फ राजनीतिक मुद्दे ही नहीं बल्कि सामाजिक मुद्दों को लेकर जनता के बीच पहुँचते थे. प्रियंका ने कहा कि जनता से जुड़ाव निरंतर होना चाहिए। प्रियंका ने कहा कि हमारे बहुत से कार्यक्रम सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ताओं तक ही सीमित रह जाते हैं उनमें जनता के कितने लोग जुड़ते हैं यह देखने और समझने वाली बात है.

