वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला और संसद के मानसून सत्र के दौरान लगातार सातवां बजट पेश कर रही हैं। 1 फरवरी को पेश अंतरिम बजट में मध्यम वर्ग के लिए कोई बड़ा नीतिगत बदलाव या नए लाभ नहीं देखे गए। वित्त मंत्री ने कहा, इस बजट में हम रोजगार, कौशल, एमएसएमई, मध्यम वर्ग पर ध्यान केंद्रित करेंगे
निर्मला सीतारमण ने कहा कि पांच साल में 4.1 करोड़ युवाओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए पांच योजनाएं, जिसमें 2 लाख करोड़ रुपये का केंद्रीय परिव्यय होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऊर्जा सुरक्षा को सरकार की नौ प्राथमिकताओं में से एक बताया है। यह आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के बाद आया है, जिसमें इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि भारत को राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) लक्ष्यों को पूरा करते हुए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा स्रोतों के विविध सेट को लक्षित करने की आवश्यकता है। बढ़ती अर्थव्यवस्था को देखते हुए भारत की ऊर्जा जरूरतों के 2047 तक 2-2.5 गुना बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन अक्षय ऊर्जा क्षेत्र अभी भी चुनौतियों का सामना कर रहा है।
2022-23 में भारत के ऊर्जा मिश्रण में मुख्य रूप से जीवाश्म ईंधन का प्रभुत्व था, जो कोयला, तेल और प्राकृतिक गैस को मिलाकर लगभग 84 प्रतिशत था। वित्त मंत्री ने कहा कि मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है, पीएमजीकेएवाई को पांच साल के लिए बढ़ाया गया, जिससे 80 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा। वितता मंत्री ने कहा, भारत के लिए अवसर पैदा करने के लिए नौ प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए विस्तृत रोडमैप है ये बजट.

