गाजियाबाद। आगामी 26 अप्रैल को सावन की शिवरात्रि है। पिछले दो साल से कोरोना संक्रमण के कारण कारण कांवड़ यात्रा बाधित थी। लेकिन दो साल बाद कांवड़ यात्रा इस बार 14 जुलाई से शुरू हो रही है। इस बार इसमें अधिक भीड़ जुटने की संभावना है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरी तैयारी की है। यानी मेरठ,गाजियाबाद की ओर से दिल्ली जाने वाले हजारों वाहनों को 15 जुलाई के बाद से वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करना होगा। क्योंकि इस मार्ग पर रैपिड रेल के निर्माण कार्य की वजह से काफी भीड़ रहती है।
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कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है। प्रशासनिक अधिकारियों ने निर्णय लिया है कि 15 जुलाई से 26 जुलाई तक दिल्ली मेरठ हाइवे को वनवे कर दिया जाएगा। जबकि एक तरफ का खुला मार्ग केवल कावंड़ियों के लिए खोला जायेगा। जिससे कांवड़ यात्रा में आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी ना हो। इस दौरान सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए जाएंगे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की एक बैठक होगी। जिसमें तमाम तरह के निर्णय कांवड को लेकर किए जाएंगे।
26 जुलाई को शिवरात्रि है। इस दौरान शिवभक्त गंगोत्री, यमुनोत्री, हरिद्वार से जल लाकर भोलेनाथ पर अर्पित करेंगे। आगामी 15 जुलाई से लेकर 26 जुलाई तक कांवड़ यात्रा रहेगी। कांवड़ को लेकर शिवभक्तों में बेहद उत्साह नजर आ रहा है। लगता है कि इस बार कांवड़ यात्रा में अपार भीड़ रहेगी। इसलिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और कांवड़ियों की सुविधा के लिए कई तरह की तैयारियां की जा रही है। 15 जुलाई के बाद से दिल्ली मेरठ की सड़क को वनवे कर दिया जाएगा। इसको वनवे केवल कांवडियों के लिए ही खोला जाएगा।
मेरठ से गाजियाबाद ,दिल्ली जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इन लोगों को मेरठ से दिल्ली जाने के लिए दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे के अलावा अन्य वैकल्पिक मार्ग अपनाने होगें। दिल्ली से गाजियाबाद और मेरठ की तरफ जाने वाले मार्ग पर भारी वाहनों को रोके जाने की तैयारी हो रही है। इस रूट पर चलने वाले वाहनों को दूसरे रास्ते अपनाने पड़ेंगे।

