Uttarakhand Weather News, Badrinath Highway: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भीषण बारिश हो रही है। बारिश के चलते हर तरफ भारी भूस्खलन हो रहा है। भूस्खलन से हाइवे जगह—जगह अवरूद्ध है। इस समय पातालगंगा और छिनका में भारी भूस्खलन हुआ है। जिसके चलते हाइवे बंद होने से करीब 7,000 तीर्थयात्री जगह—जगह फंसे हुए हैं। इन तीर्थ यात्रियों को बाहर निकालने की मुहिम जारी है। शाम छह बजे Heavy rain के दौरान अचानक पहाड़ी से टनों मलबा खिसक कर Highway पर आ गया। जिससे highway के दोनों ओर से वाहनों की लंबी लाइन लग गई।
बदरीनाथ हाइवे पर छिनका में शाम करीब छह बजे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है। इससे हाइवे के दोनों ओर से करीब 7,000 तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी के मुताबिक हाइवे खुलने पर तीर्थयात्रियों को गंतव्य की ओर भेज दिया जाएगा। पातालगंगा में सुरंग के ऊपर से चट्टान गिरने से भूस्खलन हुआ है। बताया जाता है कि चट्टान अभी सुरंग के ऊपर फंसी हुई है जो कभी भी किसी भी समय गिर सकती है। इस कारण से यातायात को रोक दिया गया है।
बुधवार को बारिश के बी छिनका में सुबह से हाईवे सुचारू रहा। जिससे यात्रा वाहनों की आवाजाही होती रही। शाम छह बजे भारी बारिश के दौरान अचानक पहाड़ी से टनों मलबा हाइवे पर आ गिरा। जिससे हाइवे के दोनों ओर से यात्री वाहनों की लंबी लाइनें लग गई। तीर्थयात्रियों ने हाइवे के शीघ्र न खुलने से चमोली, पीपलकोटी, नंदप्रयाग और बिरही में रुकने का फैसला किया है। जबकि अधिकांश तीर्थयात्री हाइवे खुलने का इंतजार करते रहे।
रुड़की में गंगा ने मचाई तबाही
वहीें रूडकी में गंगा ने तबाही मचाई है। रूडकी में गंगा का पानी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर तक पहुंच गया है। जिससे आसपास के इलाकों को खाली करके दूर जाने के आदेश दिए गए हैं। वहीं खानपुर में आई बाढ़ से खेत नदी में तब्दील हो गए हैं। बदरीनाथ धाम से चार किमी पहले कंचन गंगा में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की तरफ से वाहनों की आवाजाही के लिए गदेरे में पत्थर और मिट्टी बिछाकर वाहनों की को निकाला जा रहा है। जहां पर हाइवे बेहद तंग हालत में पहुंच गया है। वहीं कंचन गंगा के उफान पर आने से करीब 100 मीटर हिस्सा पूरी तरह से बह गया है। लेकिन वाहनों को निकालने के लिए गदेरे से आवाजाही करवाई जा रही है। कई वाहन गदेरे में फंस रहे हैं।

