Nuh: नूंह में 28 अगस्त को जलाभिषेक यात्रा निकालने के लिए हरियाणा सरकार ने अनुमति देने से इंकार कर दिया है। हालांकि, विहिप सहित कुछ संगठन जलाभिषेक यात्रा निकालने पर अड़े हैं। हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने कहा कि ‘अगस्त में नूंह में जिस तरह की घटना हुई, उसे देखते हुए सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है कि कानून-व्यवस्था बनी रहे। पुलिस और प्रशासन ने निर्णय लिया है कि लोग जलाभिषेक यात्रा निकालने के बजाय पास के मंदिरों में जाकर पूजा करें। जलाभिषेक यात्रा की अनुमति नहीं दी जा रही है। लेकिन लोग जा सकते हैं और मंदिरों में पूजा-अर्चना कर सकते हैं। क्योंकि ये सावन का महीना है। नूंह में 28 अगस्त तक इंटरनेट सेवाएं ठप रहेंगी। नूंह में धारा 144 भी लागू की गई है।
हर जिले में यात्रा निकालेंगे
बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद ने नल्हड़ में ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा को लेकर रणनीति बदली है। उन्होंने कहा है कि अब प्रदेश के हर जिले में यात्रा निकालेंगे। इनमें नूंह शामिल है। नूंह के नल्हड़ में भारी संख्या में पहुंचने के बजाय, हर जिले में लोग निर्धारित स्थल पर उपस्थित होंगे। डीजीपी ने कहा कि नूंह प्रशासन ने 3 से 7 सितंबर तक जी-20 की बैठक और 31 जुलाई को हुई घटना के बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आयोजकों को अनुमति देने से मना किया है। इसके बावजूद कुछ इनपुट हैं जिसमें कुछ संगठन 28 अगस्त को नूंह पहुंचने के लिए लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं।
नूंह पहुंचने से लोगों को रोकने के लिए सीमा पर बैरिकेडिंग की जाएगी। हरियाणा के डीजीपी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्मों की निगरानी सुनिश्चित करने, नफरती भाषणों के माध्यम से शांति को बाधित करने की कोशिश करने वाले लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने को कहा है। जलाभिषेक यात्रा को लेकर एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) ममता सिंह को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जो नूंह में तैनात रहेंगी।
मेवात के बाहर लोग नल्हड़ नहीं आएंगे
विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र कुमार जैन ने कहा विहिप मेवात से बाहर हिंदू समाज को न बुलाकर संपूर्ण प्रदेश के लिए एक कार्यक्रम घोषित कर रही है। उस दिन प्रदेश के हर जिले में एक शिव मंदिर में दिन में 11 बजे सामूहिक जलाभिषेक कार्यक्रम होगा। गुरुग्राम में विहिप के जिला महामंत्री यशवंत शेखावत ने कहा कि जी-20 में आए विदेशी मेहमानों को देखते हुए यह फैसला लिया है। पूरे विश्व की नजर भारत पर है। ऐसा कोई काम नहीं करना जिससे बाद में किसी तरह की ग्लानि हो।

