Manipur violence: पिछले दो महीने से अधिक समय से हिंसा में जूझ रहे मणिपुर में दरिंदों की भीड़ द्वारा महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने का वीडियो सामने आने के बाद देश में संसद से सड़क तक आक्रोश है। इस मामले की जांच गृह मंत्रालय ने अब CBI को सौंपने का फैसला किया है। पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में कुकी और मेतैई समुदाय के बीच हिंसा जारी है। मणिपुर में जारी हिंसा के बीच 19 जुलाई शाम को एक वीभत्स घटना का वीडियो वायरल हुआ। जिसमें दरिंदो की भीड़ दो आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र कर सड़क पर परेड करा रही है।
वीडियो में साफ देखा जा सकता था की दोनों महिलाएं खुद को कितनी असहाय महसूस कर रही थीं। जैसे यह वीडियो सामने आया पूरा देश गुस्से से उबलने लगा। हर जगह दरिंदों पर कार्रवाई की मांग उठी। उसके बाद वीडियो के आधार पर गिरफ्तारी की गई। इस मामले की जांच केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने ये जानकारी दी।
मोबाइल फोन बरामद, अब तक सात की गिरफ्तारी
जिस मोबाइल से वीभत्स घटना को रिकॉर्ड कर वायरल किया गया। उस मोबाइल को पुलिस बरामद कर चुकी है। इसी के साथ वीडियो बनाने वाला व्यक्ति हिरासत में है। बता दें कि मणिपुर के कांगपोकपी जिले में चार मई को दो आदिवासी महिलाओं को नग्न कर घुमाने के संबंध में अभी तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी 11 दिनों के लिए हिरासत में है। केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर वायरल वीडियो मामले की सुनवाई मणिपुर से बाहर कराने का अनुरोध करने की तैयारी में है।

