AAP Maharally in Ramlila Maidan: केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ आज रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में आम आदमी पार्टी की महारैली हुई। जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, कपिल सिब्बल, आप सांसद संजय सिंह ने रैली में आई भीड़ को संबोधित किया। दिल्ली पुलिस की तरफ से रैली के आयोजन स्थल और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। महारैली में आम आदमी पार्टी ने केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ आक्रोश जाहिर किया।
महारैली को संबोधित करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश की 140 करोड की आबादी मिलकर संविधान बचाएगी। अरविंद केजरीवाल ने कहा, प्रधानमंत्री ने दिल्ली के वोटरों का अपमान किया है। पूरा देश दिल्ली वालों के साथ है। अंदर से पता चला है कि जैसे दिल्ली में तानाशाही लागू हुई उसी तरह से बंगाल और राजस्थान के लिए अध्यादेश लाया जाएगा। चौथी पास राजा को समझ नहीं आ रहा कि देश कैसे चलाया जाता है। देश में चारों तरफ बेरोजगारी है। जीएसटी के कारण व्यापारियों का बेड़ा गर्क हो रहा है। मोदी जी ने रेलवे को खत्म कर दिया है। सब्जी, आटा, दूध, दही और गैस सिलेंडर महंगा कर दिया है।
भाजपा वाले मुझे रोज गालियां देते हैं
दिल्ली सीएम केजरीवाल ने कहा कि भाजपा वाले उनको रोज गाली देते हैं। दिल्ली के अपमान को हम बर्दाश्त नहीं कर सकते। देश के सारे लोग दिल्ली के साथ मिलकर खड़े हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पालन हम कराकर रहेंगे और अध्यादेश को खारिज कराकर रहेंगे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा रामलीला मैदान में 12 साल पहले हम इकट्ठा हुए थे। उस समय तानाशाही को खत्म किया था। आज फिर से तानाशाही को खत्म करने के लिए इकट्ठा हुए हैं। हमने इसी मंच से भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़ी।
मान बोले BJP का मतलब भारतीय जुगाड़ू पार्टी
पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा BJP का मतलब है भारतीय जुगाड़ू पार्टी। केजरीवाल अधिकारियों को दंडित नहीं कर पाएंगे तो सरकार फिर कैसे चलेगी। केजरीवाल का यहीं प्यार लोगों को 42 डिग्री गर्मी में यहां तक खींच लाया।
मोदी देश में सबकुछ अपने अनुसार चलाना चाहते हैं: कपिल सिब्बल
कपिल सिब्बल ने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि दिल्ली में विधानसभा का मतलब है कि लोग चाहते हैं कि जनता की आवाज के अनुसार सरकार चले। लेकिन पीएम मोदी सब कुछ अपने अनुसार चलाना चाहते हैं। केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट का फैसले को रद्द नहीं कर सकती। सुप्रीम कोर्ट इस अध्यदेश को रद्द करेगी। यदि सब केंद्र सरकार करेगी तो विधानसभा का अर्थ क्या है।

