Electrified flex fuel: एथेनॉल से चलने वाली दुनिया की पहली इलेक्ट्रिफाइड फ्लेक्स फ्यूल कार टोयोटा इनोवा आज लांच हो गई। 100 प्रतिशत एथेनॉल फ्यूल पर चलने वाली इलेक्ट्रिफाइड फ्लेक्स फ्यूल कार टोयोटा इनोवा की लांचिंग केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज की। ये कार दुनिया की पहली इलेक्ट्रिफाइड फ्लेक्स फ्यूल व्हीकल का प्रोटोटाइप होगी। इसे BS6 स्टेज-2 के नॉर्म्स के अनुसार बनाया गया है।
कार हाइब्रिड सिस्टम के लिए फ्लेक्स फ्यूल से 40 प्रतिशत इलेक्ट्रिसिटी जनरेट कर सकती है। गडकरी ने कहा कि एथेनॉल की कीमत 60 रुपए प्रति लीटर है। यह कार 15 से 20 किमी प्रति लीटर का एवरेज देगी। इससे यह पेट्रोल की तुलना में कहीं अधिक सस्ता होगा। जो वर्तमान में लगभग 120 रुपए प्रति लीटर पर बिकता है।
गडकरी ने कहा कि यह फ्यूल पेट्रोलियम के इम्पोर्ट होने वाले खर्च को बचा सकता है। अगर हमें आत्मनिर्भर बनना है तो देश का तेल आयात जीरो पर लाना ही होगा। फिलहाल देश इस पर 16 लाख करोड़ रुपए खर्च करता है। जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा नुकसान है।
फ्लेक्स-फ्यूल व्हीकल पर काम कर रही मारुति
टोयोटा के अलावा मारुति भी अब फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों पर काम कर रही है। कंपनी ने इस साल जनवरी 2023 में ऑटो एक्सपो में वैगन आर प्रोटोटाइप को पेश किया था। ये कार 85 प्रतिशत एथेनॉल मिक्स फ्यूल पर चल सकती है।
स्टार्च और शुगर फर्मेंटेशन से बनता है एथेनॉल
एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है। यह स्टार्च और शुगर फर्मेंटेशन से बनता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में इको-फ्रैंडली फ्यूल की तरह उपयोग किया जाता है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस से होता है। लेकिन स्टार्च कॉन्टेनिंग मटेरियल्स जैसे सड़े आलू, मक्का, कसावा और सड़ी सब्जियों से एथेनॉल तैयार किया जाता है।
1G एथेनॉल: फर्स्ट जनरेशन एथेनॉल गन्ना रस, मीठे चुकंदर, मीठा ज्वार, सड़े आलू और मक्का से बनाया जाता है।
2G एथेनॉल : सेकंड जनरेशन एथेनॉल सेल्युलोज और लिग्नोसेल्यूलोसिक से बनाया जाता है। इनमें चावल भूसी, गेहूं भूसी, भुट्टा, बांस और वुडी बायोमास से बनाया जाता है।
3G बायोफ्यूल : थर्ड जनरेशन बायोफ्यूल एलगी से बनता है। इस पर अभी काम चल रहा है।
एथेनॉल फ्यूल कार को फायदा?
कम खर्चीला
एथेनॉल फ्यूल का बड़ा फायदा इसकी कीमत है। जो फिलहाल देश में 60 रुपए प्रति लीटर के आसपास है। नितिन गडकरी ने बताया कि लॉन्च होने वाली कार 15 से 20 kmpl का माइलेज देती है। पेट्रोल की तुलना में यह कार कहीं अधिक किफायती है।
ईको-फ्रेंडली
पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने से पेट्रोल के उपयोग से प्रदूषण कम होता है। इसके इस्तेमाल से वाहन 35 प्रतिशत कम कार्बन मोनोऑक्साइड का उत्सर्जन करते हैं। सल्फर डाइऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन का उत्सर्जन एथेनॉल कम करता है। एथेनॉल में मौजूद 35 प्रतिशत ऑक्सीजन के चलते ये फ्यूल नाइट्रोजन ऑक्साइड के उत्सर्जन को कम करता है।
इंजन की लाइफ
एथेनॉल या एथेनॉल मिक्स पेट्रोल से चलने वाले वाहन पेट्रोल के मुकाबले कम गर्म होती हैं। एथेनॉल में अल्कोहल जल्दी उड़ता है। जिसके चलते इंजन जल्द गर्म नहीं होता। इससे इंजन की लाइफ बढ़ती है।
हाइड्रोजन से चलने वाली टोयोटा मिराई की थी लॉन्च
गडकरी लगातार फ्यूल ऑप्शनल और ग्रीन एनर्जी से चलने वाली गाड़ियों को बढ़ावा दे रहे हैं। नितिन गडकरी ने पिछले साल टोयोटा के फ्लेक्स-फ्यूल पायलट प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखाई थी। उस दौरान कंपनी ने टोयोटा कोरोला हाइब्रिड पेश किया था। इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने हाइड्रोजन से चलने वाली कार टोयोटा मिराई को लॉन्च किया था।

