जोशीमठ। जोशीमठ धंसाव का पता लगाने के लिए आज सोमवार को जलशक्ति मंत्रालय की टीम जोशीमठ रवाना हो गई है। दिल्ली से टीम रविवार देर शाम देहरादून पहुंच गई थी। जिसमें जल शक्ति मंत्रालय के अलावा वन एवं पर्यावरण मंत्रालय सहित विभिन्न संस्थानों के वैज्ञानिक भी शामिल हैं। टीम के जोेशीमठ पहुंचने से पहले वहां पर एक एडीएम, तीन एसडीएम और छह तहसीलदारों को तैनात कर दिया गया है।
जोशीमठ में आपदा राहत कार्यों को तेज गति देने और पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए मंडलायुक्त सुशील कुमार ने 10 अधिकारियों की टीम को जोशीमठ में तैनात कर दिया है। आज जोशीमठ पहुंच रही वैज्ञानिकों की टीम को ये सभी अधिकारी मदद करेंगे। रविवार को एक एडीएम, तीन एसडीएम और छह तहसीलदारों को जोशीमठ में तैनात कर दिया गया।
एक दिन पहले ही सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ आपदा के मददेनजर शासन और स्थानीय स्तर पर उच्च स्तरीय समितियां गठित के निर्देश दिए थे। इसी के साथ सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुंदरम और आयुक्त गढ़वाल मंडल सुशील कुमार भी जोशीमठ में कैंप कर रहे हैं। राहत कार्यों के ठीक से संचालन के लिए रविवार को मंडलायुक्त की ओर से सभी अधिकारियों को जोशीमठ पहुंचने के आदेश जारी किए गए।
जिन अधिकारियों को जोशीमठ में कैंप करने के लिए कहा गया है उनमें अपर जिलाधिकारी हरिद्वार बीर सिंह बुद्धियाल, एसडीएम केदारनाथ विकास प्राधिकरण योगेंद्र सिंह, एसडीएम श्रीनगर अजयवीर सिंह और एसडीएम ऋषिकेश नंदन सिंह हैं।
इसके अलावा छह तहसीलदार भी जोशीमठ भेजा गया है। जिन तहसीलदारों की तैनात जोशीमठ में की गई है उनमें तहसीलदार टिहरी आशीष घिल्डियाल, तहसीलदार पौड़ी हरीश जोशी, जखोली के नायाब तहसीलदार बलवीर लाल,डोईवाल के शादाब, नायब तहसीलदार देहरादून सुरेंद्र सिंह और चकबंदी अधिकारी हरिद्वार टीकम सिंह शामिल हैं। धंसाव का पता लगाने केा आज सोमवार को जल शक्ति मंत्रालय की टीम जोशीमठ रवाना हो गई है।

