मेरठ। मेरठ दिल्ली-एनसीआर में हवा अचानक खराब से बहुत खराब श्रेणी में चली गई। कुछ ऐसे हालात आज शनिवार को भी दिखाई दे रहे हैं। आज धनतेरस के चलते अधिकतर लोग खरीदारी के बाजारों के लिए निकलेंगे। जिसके चलते वाहनों का उपयोग करने की स्थिति में वायु प्रदूषण और कई गुना बढ़ सकता है। बता दें कि मेरठ और एनसीआर के वायु प्रदूषण में 50 फीसदी से अधिक योगदान दुपहिया और चार पहिया का है। यह जानकारी भी सामने आई कि इस बार पराली जलाए जाने के चलते नहीं, बल्कि सड़कों पर वाहनों के उतरने से वायु गुणवत्ता सूचकांक अचानक बढ़ रहा है। मेरठ-एनसीआर के अधिकतर इलाकों में देर रात तक जाम की स्थिति बनी रही। जिसके चलते वाहन सड़कों पर रहे और वायु प्रदूषण में इजाफा होता रहा।
उधर, केंद्रीय वायु प्रदूषण का अनुमान है कि आने वाले तीन-चार दिनों तक मेरठ और दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद ना के बराबर है। माना जा रहा है कि पटाखे फोड़े जाने के चलते दिवाली के अगले दिन मेरठ और दिल्ली-एनसीआर में स्माग छाने के आसार बने हुए हैं। दरअसल, मेरठ के साथ एनसीआर के कई शहरों में पटाखों के फोड़ने पर एक जनवरी तक प्रतिबंध लगा हुआ है, फिर भी लोग चोरी छिपे पटाखे फोड़ेंगे, इसकी आशंका जताई जा रही है।
पटाखों पर प्रतिबंध के बावजूद लोग आतिशबाजी से पीछे नहीं हटते। पिछले साल दीवाली के दिन लोगों ने जमकर आतिशबाजी की थी। जिसके बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक के हालात खतरनाक से अधिक खतरनाक श्रेणी में पहुंच गए थे। दिवाली में आतिशबाजी सेहत पर भारी पड़ सकती है। इसके मद्देनजर जागरूक लोग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों से दीवाली में पटाखे नहीं जलाने और सुरक्षित दिवाली मनाने की अपील कर रहे है।

