USA News: अमेरिका ने अंतरिक्ष उद्योग से जुड़ी अपनी कंपनियों को चेतावनी जारी की है। जारी की गई चेतावनी में कहा है कि विदेशी खुफिया ताकतें कंपनी की गोपनीय सूचनाओं को लीक कर सकती हैं। इसी के साथ अमेरिका के सैटेलाइट कम्युनिकेशन, रिमोट सेंसिग और इमेजिंग क्षमताओं को बाधित कर सकती हैं।
अमेरिका की खूफिया एजेंसियों ने अंतरिक्ष उद्योग से जुड़ी अमेरिका कंपनियों को चेतावनी जारी की है। जिसमें कहा है कि चीन और रूस उन पर सैटेलाइट हमले करने की तैयारी में हैं। इसके अलावा रुस और चीन उनकी जासूसी कर सकते हैं। अमेरिका के नेशनल काउंटर इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी सेंटर, एफबीआई और यूएस एयर फोर्स ने एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया है कि अमेरिका की अंतरिक्ष उद्योग से जुड़ी कंपनियों पर साइबर अटैक की प्रबल संभावना है। इसके अलावा रुस और चीन रणनीतिक निवेश के जरिए संवेदनशील तकनीक हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं।
सैटेलाइट को निशाना बनाने की कोशिश में चीन-रूस
चेतावनी में कहा है कि विदेशी खुफिया ताकतें कंपनी की गोपनीय सूचनाएं लीक करने की कोशिश में हैं। इसी के साथ अमेरिका के सैटेलाइट कम्युनिकेशन, रिमोट सेंसिग और इमेजिंग क्षमताओं को बाधित कर सकती हैं। अमेरिका की कई सैटेलाइट्स पर हाल के दिनों में हमले हुए हैं और अमेरिकी अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा जिस तरह से अंतरिक्ष पर निर्भर है, उसे देखते हुए अमेरिकी खुफिया एजेंसी सतर्क मोड पर आ गई है।
कंपनियों को जारी की चेतावनी
खूफिया एजेंसियों ने चेतावनी में कहा कि अमेरिकी अंतरिक्ष कंपनियां अंदरुनी चेतावनी कार्यक्रम बनाए। जिससे खुफिया सूचनाएं लीक होने पर रोक लगे। इसी के साथ विदेशी लोगों के आउटरीच कार्यक्रमों के तहत कंपनियों में आने की अपील को खारिज किया जाए। इसके साथ विदेशी सरकारों या उनसे जुड़ी कंपनियों के साथ संयुक्त उपक्रम ना बनाने की सलाह दी है। चीन ने अमेरिकी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। अमेरिका में स्थित चीनी दूतावास ने बयान जारी किया है। जिसमें कहा है कि उनका देश हमेशा मानवता की भलाई के लिए अंतरिक्ष खोज को सीमित रखना चाहता है। चीन ने हैकिंग के आरोपों से इनकार किया है। रूस की तरफ से इसे लेकर कोई बयान नहीं आया। बता दें बीते दिनों में अमेरिका की अंतरिक्ष कंपनियों पर साइबर हमले होने की घटनाएं हुई हैं। 2022 में वियासैट इंक पर साइबर हमला हुआ था। कंपनी को अपने 45 हजार मोडेम बदलने पड़े थे।

