- सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की पुलिस कर रही जांच
- संयुक्त किसान मोर्चा ने मृतक-हत्यारों से संबंध से किया इंकार
नई दिल्ली। किसानों के बड़े आंदोलनस्थलों में से एक सिंघु बाॅर्डर पर किसानों के मंच के पास शुक्रवार को एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या किये जाने से सनसनी फैल गयी। हत्या के संबंध में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कुछ निहंग जमीन पर पड़े खून से लथपथ युवक के पास खड़े होकर कह रहे हैं कि मरने वाले को गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के लिए सजा दी गई है। उस व्यक्ति का बायां हाथ कटा हुआ था और उसका शव बैरिकेड से बंधा हुआ मिला। पुलिस के अनुसार मृतक लखबीर सिंह पंजाब के तरनतारन जिले के चीमा खुर्द गांव निवासी और पेशे से मजदूर है। वहीं किसान संगठनों ने मृतक और उसकी हत्या करने वाले से किसी भी प्रकार के संबंध से इंकार किया है। पुलिस एफआईआर दर्ज कर दोषियों को ढूंढने में लगी है।
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कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के आंदोलन के तहत दिल्ली-हरियाणा सीमा पर सिंधु बार्डर पर किसानों का प्रदर्शन 10 महीनों से चल रहा है। आज सुबह वहां एक व्यक्ति की हत्या की सूचना पर कुंडली थाना पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां मंच के पास बैरिकेड पर एक व्यक्ति की लाश लटकी मिली। मृतक का बायां हाथ काटा हुआ था। जांच में सामने आया है कि गुरु ग्रंथ साहिब से छेड़छाड़ के आरोप पर निहंगों ने अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले 35 वर्षीय लखबीर सिंह की हत्या कर दी। इस संबंध में मिले वीडियो की पुलिस जांच कर रही है। नृशंस हत्या की घटना से सिंधु बार्डर पर सनसनी फैल गई और हंगामा शुरू हो गया।
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वहीं इस नृशंस हत्याकांड पर संयुक्त किसान मोर्चा ने पल्ला झाड़ लिया। किसान मोर्चा के नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल का कहना है कि इस घटना के दोनों पक्षों, निहंग समूह और मृतक का एसकेएम के साथ कोई संबंध नहीं है। संयुक्त किसान मोर्चा किसी भी धर्म और प्रतीक की बेअदबी के खिलाफ है। जगजीत सिंह ने कहा कि कुछ लोगों का कहना है कि मृतक लखबीर सिंह ने मरने से पहले कबूल किया था कि उसे किसी ने 30 हजार रुपये देकर यहां भेजा है। दल्लेवाल ने इसे बड़ी साजिश बताते हुए जांच की मांग की।

