लखनऊ। लखनऊ में गुरुवार की सप्ताहिक बंदी के दिन जब दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर घर पर आराम कर रहे थे तो नगर निगम (Municipal Corporation) के कर्मचारियों और अधिकारियों ने चोरी-छिपे बिना किसी नोटिस के उनकी दुकानें सील कर दी। हद तो तब हो गई जब गोइंग रोड पर एक गार्ड को भी दुकान के साथ सील कर दिया गया। लखनऊ व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जीतेंद्र सिंह चौहान ने नगर निगम किस काम की निंदा करते हुए कहा कि यह व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले 2 साल से आर्थिक मंदी की मार झेल रहे कारोबारियों कुछ समय देना चाहिए था। बिना किसी नोटिस दिए सप्ताहिक बंदी के दिन दुकानें सील नहीं की जा सकती। वही लखनऊ में प्रमंडल के महामंत्री अभिषेक खरे ने कहा कि इसके खिलाफ संगठन एकजुट है और नगर निगम पर प्रदर्शन किया जाएगा। लाटूश रोड के व्यापारी नवीन अरोड़ा ने बताया कि शहर के कई इलाकों में ऐसा काम किया गया है सुबह जब कारोबारी अपनी दुकान खोला भी नहीं था उससे पहले नगर निगम के कर्मचारी आया और वह दुकान सील करके चले गए।
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नगर निगम ने 158 दुकानें सील कर दी
5 जोन में 158 दुकानें सील की गई है। साथ ही 10823842 रुपये की वसूली की गई है।जानकारी के मुताबिक, जोन 1 में 85 दुकानें, जोन 4 में 22 दुकानें, जोन 7 में 27 दुकानें, जोन 6 में 18 और जोन 2 में 6 दुकानें सील की गई है। बाकी अन्य जोन में की सीलिंग की कार्रवाई की गई है। वहीं, शाम तक जोन 1 में 1992621, जोन 2 में 475565, जोन 3 में 685192, जोन 4 में 1168014, जोन 5 में 302767, जोन 6 में 3223445, जोन 7 में 1214784 और जोन 8 में 1761454 रुपये की वसूली की गई है। वहीं, शुक्रवार को भी अभियान चलाकर बड़े बकायदारों की प्रॉपर्टी को सील किया जाएगा।

