मोदी सरकार का मुस्लिम चेहरा रहे मुख़्तार अब्बास नक़वी आज मोदी कैबिनेट से अलग हो गए, उन्होंने पीएम मोदी से मिलकर मंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया, मुख्तार अब्बास नक़वी का राज्यसभा के मेंबर के तौर पर आज आखरी दिन था. नक़वी के इस्तीफे के बाद मोदी कैबिनेट अब पूरी तरह मुस्लिम विहीन हो चुकी है, मंत्री परिषद् में अब एकबार भी मुस्लिम मंत्री नहीं है. बता दें कि जब मुख़्तार अब्बास नक़वी को राज्यसभा का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया गया तब इस बात के कयास लग रहे थे कि शायद उनका नाम राष्ट्रपति के लिए घोषित हो सकता है लेकिन बाद में साफ़ हो गया कि यह बात सिर्फ कयास ही थी.
बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में पीएम मोदी ने मुख्तार अब्बास नकवी ने तारीफ की और कहा कि देश के विकास में उन्होंने अपना विशेष योगदान दिया है. नक़वी के इस्तीफे की बात पहले ही की जा रही थी लेकिन इस्तीफ़ा उन्होंने आज दिया क्योंकि कल से वो राज्यसभा के भी मेंबर नहीं रहते. वहीँ प्रधानमंत्री ने मंत्रिमंडल की बैठक में केंद्रीय मंत्री और जेडीयू लीडर आरसीपी सिंह के योगदान की भी सराहना की थी.
नकवी केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक कार्य मंत्री और राज्यसभा में भाजपा के उपनेता थे. राज्यसभा में उनका कार्यकाल सात जुलाई 2022 यानी बृहस्पतिवार को समाप्त हो रहा है. पिछले दिनों राज्यसभा के लिए हुए चुनाव में भाजपा ने उन्हें कहीं से उम्मीदवार नहीं बनाया था. केंद्र में अब अल्पसंख्यक मंत्रालय कौन संभालेगा, यह एक बड़ा प्रश्न है, अभी तक भाजपा सरकारों में यह ज़िम्मेदारी कोई मुस्लिम मंत्री ही निभाता रहा था लेकिन चूँकि अब मोदी कैबिनेट में कोई मुस्लिम मंत्री नहीं है इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विभाग किसे मिलता है, इसके अलावा राज्यसभा में उपनेता की ज़िम्मेदारी किसे मिलेगी यह भी देखने वाली बात होगी.

