अलग-अलग उम्र के लोगों के साथ-साथ विभिन्न देशों, पीढ़ियों और अलग-अलग समाज के लोगों के खर्च करने के तरीके में बड़े पैमाने पर अंतर दिखाई देता है। इसकी वजह यह है कि हर कोई अपनी आर्थिक स्थिति को अलग-अलग तरीकों से संभालता है, जो उनके निजी जीवन में नगद पैसों की जरूरतों, उनकी जीवन-शैली, जीवन की अवस्था, आर्थिक लक्ष्यों तथा मन में बसी इच्छाओं पर निर्भर है। आज सभी कामकाजी लोगों में नई पीढ़ी के युवाओं की संख्या सबसे ज़्यादा है, जो आगे चलकर अपनी आमदनी से अपने-अपने परिवारों की जरूरतों को पूरा करेंगे। हालांकि, यह देखा गया है कि पुरानी पीढ़ी के लोगों की तुलना में उनमें बड़ी बचत करने की प्रवृत्ति काफी कम होती है। डेलॉयट के एक सर्वेक्षण के नतीजे बताते हैं कि भारत की नई पीढ़ी के युवा अपनी आमदनी का 10% से भी कम बचाते हैं। अगर वित्तीय प्रबंधन की बात की जाए, तो यह आंकड़ा बेहद निराशाजनक है।
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बचत की अहमियत
बचत करना अपनी जमा-पूंजी को बड़ा बनाने का सदियों पुराना तरीका है। इस प्रकार जमा की गई पूंजी कई तरीकों से आपके काम आ सकती है, और यह रक़म आपात स्थिति में आपके लिए एक बड़ा सहारा बन सकती है, अथवा घर खरीदने, कार खरीदने, अपने बच्चे की शादी के लिए पैसों का प्रबंध करने जैसे कामों में आपकी मदद कर सकती है। चूंकि रातों-रात बड़ी रक़म जमा कर पाना संभव नहीं है, इसलिए ज़िंदगी के शुरुआती चरण में ही बचत की आदत डालने की सलाह दी जाती है। बेहतर यही होगा कि कमाना शुरू करते ही आपको बचत करना भी आरंभ कर देना चाहिए, भले ही आप की बचत की रक़म कितनी भी छोटी क्यों न हो। छोटी-छोटी बचत भी कुछ समय के बाद एक बड़ी रक़म बन सकती है। चक्रवृद्धि ब्याज़ का फायदा उठाकर आप अपने अलावा आने वाली पीढ़ी के लिए भी बड़ी पूंजी जमा कर सकते हैं।
एक नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत हो चुकी है। नीचे बताया गया है कि आप अपनी आर्थिक स्थिति को किस तरह संभाल सकते हैं और अपनी जमा-पूंजी को आसानी से बढ़ा सकते हैं।
1. बजट के 50-30-20 नियम का पालन करें
यह बचत की आदत डालने का सबसे आसान तरीका है। अगर आप आमदनी और खर्च का बजट बनाते हैं, तभी आप बचत कर सकते हैं। बजट बनाना थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन ऐसा होता नहीं है। बजट के 50-30-20 नियम का उपयोग करके आप आसानी से हिसाब लगा सकते हैं कि आपको कितनी बचत करनी चाहिए। आपका वेतन चाहे कुछ भी हो, यह नियम सभी पर लागू होता है।
आइए हम एक उदाहरण के जरिए इस प्रतिशत को अलग-अलग करके देखते हैं। मान लीजिए कोई व्यक्ति हर महीने 50,000 रुपये कमाता है, तो उसे नीचे बताए गए तरीके से अपनी आमदनी का प्रबंधन करना चाहिए।
50% – इसमें आपकी बुनियादी जरूरतों के साथ-साथ ऐसे खर्चे शामिल हैं जिनमें कटौती नहीं की जा सकती है, जैसे कि भोजन, किराया, किराना सामान/ उपयोगी सेवाओं के बिल, EMI, ट्यूशन फीस, इत्यादि। इस तरह के खर्च बार-बार सामने आते हैं, और आमदनी के एक बड़े हिस्से से इन खर्चों को पूरा किया जाता है।
उदाहरण में बताया गया व्यक्ति इन जरूरतों पर 25,000 रुपये तक खर्च कर सकता है।
30% – इसमें आपकी इच्छाएं, यानी आपकी लाइफ़स्टाइल से जुड़ी जरूरतें शामिल हैं। इसमें बाहर खाना खाने, कपड़े, जूते जैसे सामान ऑर्डर करने, गैजेट खरीदने आदि शामिल हो सकते हैं। ज़िंदगी की बुनियादी जरूरतों के अलावा दूसरी सभी चीजों को इच्छाओं के तहत रखा जा सकता है। सारी समस्याएं इसी क्षेत्र से जुड़ी हैं। नई पीढ़ी के युवा अपनी इच्छाओं पर ज़्यादा-से-ज़्यादा खर्च करते हैं, लेकिन एक महीने में अपना सारा पैसा खर्च करने के बजाय अपनी सोच-समझकर इच्छाओं पर पैसे खर्च करना बेहद अहम है।
उदाहरण में बताया गया व्यक्ति ऐसी चीजों पर 15,000 रुपये तक खर्च कर सकता है।
20% – अक्सर लोग इसे कम अहमियत देते हैं लेकिन यही सबसे ज्यादा अहम हिस्सा है। अपनी आमदनी का 20% हिस्सा बचत करने के लिए पहले से योजना बनानी चाहिए। यह किसी ऐसे व्यक्ति के लिए कम लग सकता है जिसने अभी-अभी कमाना शुरू किया है, लेकिन भविष्य में यह बहुत आगे तक जाता है।
उदाहरण में बताए गए व्यक्ति को हर महीने बचत के लिए 10,000 रुपये अलग रखना चाहिए।
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2. व्यवस्थित तरीके से बचत करने वाले साधनों में निवेश की शुरुआत करें
आप इस तरह के साधनों में बचत के लिए अपने आप ही 20% रक़म अलग रखना शुरू कर देंगे, जहां आपका पैसा बढ़ेगा। बाजार में इस तरह के कई साधन उपलब्ध हैं, और सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) इनमें से एक है। SIP निवेश का बेहद आसान विकल्प है जो हर महीने आपकी छोटी बचत को जमा करता है और एक तय समय-सीमा में आप की जमा-पूंजी को बड़ा बना देता है। बचत के दूसरे विकल्पों में रिकरिंग डिपॉजिट (RD) और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) शामिल हैं, जो आपके लिए बेहद मददगार हैं। अपने पैसे को अपने पास जमा रखने के बजाय, अगर आप इस तरह के साधनों में निवेश करते हैं तो आपकी जमा-पूंजी का बढ़ना तय है।
हर महीने छोटी-छोटी रक़म बचाकर आप समय के साथ बड़ी पूंजी जमा कर सकते हैं, जिससे आपको अपने बेहद जरूरी आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिल सकती है, साथ ही आपातकालीन समय में यह रक़म आपके काम आ सकती है। 2022 में अपनी आर्थिक स्थिति को संभालने पर ध्यान दें! अभी से बचत की शुरुआत करें!

