देहरादून। घर में कोई विधायक बन जाए तो रिश्तेदार भी अपने आप को विधायक बताने लगते हैं। जलवा ऐसा कि क्षेत्र के अलावा अन्य जानकार भी अपनी पहचान निकाल लेते है। लेकिन प्रदेश की गंगोलीहाट विधानसभा (Gangolihat Assembly) से ऐसे ऐसे विधायक जीते हैं जो कि खुद तो सादगी की मिसाल हैं ही साथ ही उनका परिवार भी इससे अछूता नहीं है। बेटा जहां गाडियों के पहियों में पंक्चर लगाकर परिवार चलाता है वहीं विधायक जी को जीत की कोई खुशी नहीं है। जीत के बाद विधायक जी अब भी वहीं चाय की दुकान में जाकर चाय पी रहे हैं और लोगों से बात कर रहे है। घर आने के लिए रिक्शा भी मोलभाव कर तय कर करते हैं। उनकी इस सादगी से हर कोई हैरान है। इन नवनिर्वाचित विधायक का नाम है फकीर राम जो काफी सादगी के साथ रहते हैं।विधायक फकीर राम का बड़ा बेटा गाड़ियों के पहियों में पंक्चर जोड़ने का काम करता है। जगदीश का कहना है कि उसे अपने काम पर शर्मिंदगी महसूस नहीं होती। जब पिता विधायक नहीं थे तब भी यहीं काम करते थे। आज उसके पिता नवनिर्वाचित विधायक हो गए तो क्या वो अपना काम छोड़ दें। उसके पिता परिवार के लिए नहीं हल्द्वानी के लिए विधायक हुए हैं उनका परिवार दमुवाढूंगा में रहता है।
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विधायक फकीर राम के दो बेटियां और दो बेटे हैं। बड़े बेटे जगदीश राम 12 साल से पंक्चर का काम कर रहे हैं। इसी पंक्चर बिजनेस से इस परिवार का खर्च चलता है। नवनिर्वाचित विधायक का परिवार इतना स्वाभिमानी है कि आज तक किसी से आर्थिक मदद नहीं मांगी।
बड़े बेटे ने बताया कि छोटा भाई वीरेंद्र राम फर्नीचर के काम से जुड़ा है। मां बलपा देवी गृहिणी और पिता राजनीति से जुड़े हैं। विधायक फकीर के करीबी बिठौरिया निवासी विपिन शर्मा का ने बताया कि फकीर राम ने अपने व्यवहार और सादगी से विधायकी जती है। भाजपा से टिकट मिलने के बाद उन्होंने मजबूत प्रतिद्वंद्वी को पराजित किया।

