आरडीसी की ऑनलाइन बैठक में सैन्य अधिकारियों की सिनाॅप्सिस पर मुहर लगी
मेरठ। ऐतहासिक मेरठ काॅलेज की साख सैन्य अधिकारियों को भी आकर्षित कर रही है। काॅलेज के डिफेंस स्ट्डीज विभाग से शोध करने के लिये सेना के तीन लेफ्टिनेंट जनरल, छह ब्रिगेडियर और कर्नल रैंक के एक अफसर ने मेरठ काॅलेज में दाखिला लिया है। पूर्व सेनाध्यक्ष और वर्तमान में सीडीएस जनरल बिपिन रावत समेत फौज के 50 से ज्यादा अफसर मेरठ काॅलेज से शोध कर चुके हैं।
आरडीसी की ऑनलाइन बैठक में काॅलेज के डिफेंस स्ट्डीज विभाग से शोध करने के लिये 10 सैन्य अधिकारियों की सिनाॅप्सिस पर मुहर लग गई है। इन अधिकारियों में दक्षिण कमान के लेफ्टिनेंट जनरल जेएस नयन, वाइस चीफ लेफ्टिनेंट जनरल शांतनु दयाल और लेफ्टिनेंट जनरल एके सिंह शामिल हैं। वहीं मेरठ कैंट बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर अर्जुन सिंह राठौर का नाम भी छह ब्रिगेडियर में शामिल है।
सैन्य अधिकारियों का मेरठ काॅलेज से शोध करने में रूचि दिखाना काॅलेज के साथ महानगर के लिये भी गौरव की बात है। पूर्व में ले. जनरल आरआर निम्भोरकर समेत सेना के 50 से अधिक बड़े अफसर डिफेंस स्ट्डीज विभाग से शोध कर चुके हैं। वहीं आठ अफसरों अभी शोध कार्य कर रहे हैं और सात अफसर अपने शोध जमा कर चुके हैं।
गौरतलब है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री चैधरी चरण सिंह भी मेरठ काॅलेज के छात्र रह चुके हैं। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी, गोवा के राज्यपाल सतपाल मलिक, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर अजीत डोभाल, पदमश्री डाॅ. आरएस सिरोह, रिटायर्ड वाइस एयर मार्शल केके. जैन, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल जेएस भटनागर, डीआरडीओ के डायरेक्टर रहे पीसी मांगलिक, इंटेलीजेंस ब्यूरो के पूर्व डायरेक्टर केपी सिंह जैसे बड़े नाम भी मेरठ काॅलेज के पुरातन छात्रों की सूची में शामिल है। वहीं मेरठ काॅलेज से पढ़े छात्र अदालतों में जज बने हैं।

