आजमगढ़ लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बसपा उम्मीदवार शाह आलम उर्फ़ गुड्डू जमाली को भले ही हार मिली है मगर जिस भारी संख्या में उनको मतों के रूप में जनसमर्थन मिला है उससे बसपा प्रमुख बहुत खुश नज़र आ रही हैं. उनकी ख़ुशी खासकर इसलिए है कि इस उपचुनाव में बसपा को उनके कोर वोटर के अलावा मुस्लिम समुदाय का भारी समर्थन मिला है जो पिछले विधानसभा चुनाव में उनसे छिटक गया था और पार्टी को उसके इतिहास की सबसे बुरी और बड़ी हार का सामना करना पड़ा था. बता दें कि आज़मगढ़ के चुनाव में गुड्डू जमाली को 266210 मत प्राप्त हुए हैं यानि 29.27 फीसद।
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पिछले विधानसभा चुनाव में मुबारकपुर से AIMIM की पार्टी से लड़ने वाले और सिर्फ 36000 मत पाने वाले गुडू जमाली तो खुश हैं ही मगर बसपा सुप्रीमो की ख़ुशी का ठिकाना नहीं है, इस चुनाव में मिले जनसमर्थन से 2024 के चुनावों के लिए मायावती काफी उत्साहित हैं और इस चुनावी मुस्तैदी को लगातार बनाये रखने की बात कही है. इसके अलावा आगे होने वाले चुनावों में मुसलमानों को गुमराह होने से बचाये रखने पर ख़ास ज़ोर दिया।
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बसपा प्रमुख ने अपने ट्वीट में कहा कि 2024 में होने वाले आम चुनावों तक यही संकल्प और चुनावी मुस्तैदी को बनाये रखने की ज़रूरत है जो आजमगढ़ चुनाव के दौरान पार्टी में नज़र आयी, इसके लिए उन्होंने पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और विशेषकर गुड्डू जमाली को उनके संघर्ष और दिलेरी के लिए बधाई भी दी. मायावती ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि अगले लोकसभा चुनाव की ज़मीनी तैयारी को वोट में बदलने के लिए इस संघर्ष और कोशिशों को लगातार बनाये रखने की ज़रुरत है. मायावती ने मुसलमानों का सीधे तौर पर नाम न लेते हुए कहा कि एक समुदाय विशेष को भविष्य में होने वाले चुनावों गुमराह होने से बचाना भी बहुत ज़रूरी है. बता दें कि बसपा ने रामपुर से अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था.

