आरएसएस पर अपने नरम बयान को लेकर सुर्ख़ियों में बनीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इन दिनों कानूनी नोटिसों को लेकर काफी परेशान हैं. दरअसल कोयला तस्करी घोटाले में चल रही अपनी जांच के सिलसिले में उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को ED ने पूछताछ के लिए तलब किया है. मीडिया इस बात लेकर बहुत सक्रीय है और ज़ोरशोर से इस मामले को उछाल रही है. ममता बनर्जी मीडिया के इस बर्ताव से बहुत हैं, यहाँ तक कि उन्होंने कह दिया किया कि अगर उन्हें पता होता कि आगे चलकर राजनीति का मतलब सिर्फ कीचड उछालना होगा तो वह राजनीति में आती ही न.
ममता बनर्जी ने केन्द्र एजेंसियों और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उनके परिवार को केंद्रीय एजेंसियों से नोटिस मिलता है तो वह कानूनी रूप से उसकी लड़ाई लड़ेंगी। मीडिया पर बरसते हुए ममता ने कहा कि आप लोग बिना किसी सबूत के किसी पर भी आरोप लगा देते हैं, किसी भी चोर होने का ठप्पा ठोंक देते हैं, बिना सबूत आप दूसरों को बदनाम कर रहे हैं। बता दें कि तृणमूल कांग्रेस पदाधिकारियों की संपत्तियों के बारे में मीडिया का एक ख़ास वर्ग मंडल और पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी के बाद से काफी मुखर है.
प्रधानमंत्री से मुलाकात पर सेटिंग के सवाल पर ममता ने कहा कि मैं किसी के पास ‘सेटिंग’ के लिए नहीं जाती, सब मेरे पास आते हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि वह राज्य के लिए धनराशि की मांग करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी से मिलीं क्या अपने हक़ का पैसा माँगना सेटिंग होता है। ममता ने कहा मैं पीएम मोदी से भीख मांगने नहीं अपना बकाया मांगने गई थी।

