महाराजा सुहेलदेव का शौर्य, पराक्रम और स्वाभिमान वर्तमान पीढ़ी के लिए एक गौरवशाली उदाहरण: मुख्यमंत्री

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महाराजा सुहेलदेव का शौर्य, पराक्रम और स्वाभिमान वर्तमान पीढ़ी के लिए एक गौरवशाली उदाहरण: मुख्यमंत्री

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज जनपद बहराइच में महाराजा सुहेलदेव स्मारक एवं चित्तौरा झील की विकास योजना के शिलान्यास तथा महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के लोकार्पण समारोह में सम्मिलित हुए। ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया।

मुख्यमंत्री ने 11वीं शताब्दी के प्रतापी शासक और पराक्रमी योद्धा महाराजा सुहेलदेव की जयन्ती समारोह के अवसर पर चित्तौरा, बहराइच में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने स्मारक स्थल परिसर में मौलश्री पौधे का रोपण कर श्रीराम मन्दिर की थीम पर बनायी गयी आकर्षक रंगोली का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री जी ने विधि विधान के साथ महाराजा सुहेलदेव स्मारक एवं चित्तौरा झील की विकास योजना का भूमि पूजन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा वर्चुअल माध्यम से महाराजा सुहेलदेव स्मारक एवं चित्तौरा झील की विकास योजना का शिलान्यास एवं महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, बहराइच का लोकार्पण किया गया।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र की जनता को प्रधानमंत्री का आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज का दिन पावन और इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। भारतवर्ष के इतिहास में 11वीं सदी में उत्तर प्रदेश के बहराइच में महाराजा सुहेलदेव पराक्रमी और प्रतापी राजा थे, जिन्होंने विदेशी आक्रांताओं से भारतीय संस्कृति और विरासत की रक्षा की। वे मातृभूमि के सम्मान को समर्पित रहे। उनका शौर्य, पराक्रम और स्वाभिमान वर्तमान पीढ़ी के लिए एक गौरवशाली उदाहरण है। उन्होंने विदेशी आक्रांताओं से मुकाबला करने के लिए 21 राज्यों का संगठन बनाकर कुशल रणनीतिकार के रूप में विशिष्ट युद्धकला के माध्यम से विजय प्राप्त की थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बहराइच के मेडिकल कॉलेज का नाम भी महाराजा सुहेलदेव जी के नाम पर रखा गया है। साथ ही, इस क्षेत्र के महर्षि बालार्क के नाम पर बहराइच जिला चिकित्सालय का भी नामकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि चौरी-चौरा शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शहीद स्मारकों व स्थलों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर देश के ज्ञात-अज्ञात सेनानियों को श्रद्धा सुमन अर्पित किये जा रहे हैं। स्मारक स्थल का निर्माण व अन्य सुविधाओं का विकास प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से किया जा रहा है। इससे पूर्व, वर्ष 2018 में महाराजा सुहेलदेव जी के नाम से गाजीपुर में प्रधानमंत्री जी द्वारा डाक टिकट जारी किया गया था। मुख्यमंत्री जी ने स्मारक के शिलान्यास व मेडिकल कॉलेज के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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