महाकाल ज्योतिर्लिंग मंदिर के गर्भगृह में दर्शन के लिए शुल्क निर्धारित किए जाने का हिंदू महासभा के अध्यक्ष आचार्य चक्रपाणि ने पुरजोर विरोध करते हुए इसे लोगों की आस्था का अपमान बताया है यहाँ तक कि उन्होंने इसकी तुलना जज़िया कर से कर दी है, उन्होंने कहा कि गर्भ गृह दर्शन के पैसे लेना सरकार की तरफ से एक तरह जज़िया कर लगाना है। उन्होंने इसे भगवान् के नाम पर दलाली का नाम दिया है. आचार्य चक्रपाणि ने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार को मुगलिया शासन बताते हुए कहा कि वह इसे हरगिज़ बर्दाश्त नहीं करेंगे और जल्द ही एक बाद आंदोलन छेड़ने की बात कही. उन्होंने कहा कि ज़रुरत पड़ी तो वह न्यायलय के द्वार तक भी जायेंगे.
राहुल 1 दिसंबर को करेंगे महाकाल के दर्शन
वहीँ इस मुद्दे पर सियासत भी शुरू हो गयी है, कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा मध्य प्रदेश में प्रवेश करने वाली है उससे पहले महाकाल ज्योतिर्लिंग मंदिर के गर्भगृह के दर्शन के लिए शुल्क लगाने का मुद्दा ज़ोर पकड़ रहा है. वहीं महाकाल मंदिर समिति के इस फैसले पर कांग्रेस सवाल खड़े कर रही है. कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि शुल्क लगाने का फैसला महाकाल मंदिर समिति का नहीं बल्कि मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार का है. कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा कि महाकाल लोक के लोकार्पण के समय प्रधानमंत्री ने मंदिर के गर्भ गृह में पूजा-अर्चना की, इसका सीधा प्रसारण हुआ था. अब चूँकि मारे नेता यहाँ आ रहे हैं तो रोक लगाने की कोशिश हो रही है. बतादें कि राहुल गाँधी 1 दिसंबर को उज्जैन पहुंचेंगे और महाकाल के दर्शन भी करेंगे। परमार के मुताबिक राहुल गाँधी महाकाल के भक्त हैं.
मंदिरों पर वीवीआईपी टिकट व्यवस्था गलत परंपरा
वहीँ अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी जी महाराज कहते हैं कि देश के सभी बड़े मंदिरों पर वीवीआईपी टिकट व्यवस्था परंपरा है, मंदिरों में VIP कल्चर नहीं पनपना चाहिए, अगर यह सब जल्दी नहीं रुका तो मजबूरन हमें अदालत जाना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि मंदिर में प्रवेश के लिए गरीब और अमीर में भेदभाव नहीं होना चाहिए। रविंद्र पुरी जी महाराज ने नई वयवस्था का विरोध करने के लिए शीघ्र ही मंदिर प्रशासन से बात करने की बात कही.

