टिहरी गढ़वाल। उत्तराखंड में पर्यटकों का नया डेस्टिनेशन टिहरी झील होगा। इसके लिए टिहरी झील पर्यटन विकास परियोजना को केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने हरी झंडी दिखा दी है। इस परियोजना से टिहरी झील और जलसंग्रह क्षेत्र पर्यटकों का नया डेस्टिनेशन बनकर तैयार होगा। परियोजना के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक के अलावा ब्रिक्स डेवलपमेंट बैंक की ओर से 1800 करोड़ रुपये की सहायता मिलेगी।
परियोजना के लिए नई टिहरी में तिवाड़ गांव,कोटी कालोनी, टिहरी झील, डोबरा चांटी, मदन नेगी क्लस्टर के रूप में विकसित किए जाएगे। टिहरी झील में चार जगह टेंट कॉलोनी निर्माण,जल क्रीड़ा केंद्र, डोबरा-चांटी से कोटी कॉलोनी तक पर्यटन रोड तैयार किया जाएगा। होम स्टे क्लस्टर निर्माण, डोबरा चांटी पार्क, एकीकृत सूचना केंद्र,मल्टी लेवल कार पार्किंग, एक्वेटिक कॉम्प्लेक्स, मनोरंजन कॉम्पलेक्स, स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर, थ्री स्टार बुटीक होटल, योग एवं पंचकर्म केंद्र,जैव विविधता पार्क, तटीय क्षेत्र में पौधरोपण, रोपवे निर्माण, लाइट एवं साउंड लेजर शो सहित कार्य प्रस्तावित है।
एडीबी की टीम जल्द उत्तराखंड के दौरे पर होगी और इन सभी जगहों का मुआयना करेगी। पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने इस बारे में जानकारी दी और कहा कि परियोजना का उद्देश्य टिहरी को प्रदेश के ब्रांड टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना है। जिससे यहां के स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो और इस क्षेत्र को विकसित किया जा सके।
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टिहरी के ऐतिहासिक महत्व को पुनर्स्थापित करने के अलावा पर्यटन ढांचे को मजबूती प्रदान करने के साथ ही यहां पर रोजगार के नए पद सृजित करने होंगे। इस परियोजना से पर्यटकों के टिहरी में रूकने की अवधि बढ़ाकर तीन दिन तक करने की भी है। इस परियोजना से लगभग चालीस हजार और परोक्ष रूप से दो लाख परिवारों को लाभ मिलेगा। परियोजना के लिए हरित तकनीक का उपयोग किया जाएगा।

