माणा। देश के अंतिम गांव माणा में आज प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा शुरू हो गई है। जनसभा की शुरूआत में सबसे पहले मुख्यमंत्री धामी ने संबोधन शुरू किया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि की जनता की ओर से प्रधानमंत्री का स्वागत अभिनंदन किया। सीएम धामी ने कहा कि ये हमारा और उत्तराखंड की जनता का सौभाग्य है कि आज प्रधानमंत्री का सानिध्य मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नए भारत निर्माण के सपने में उत्तराखंड अपनी तरफ से पूरा सहयोग देगा। सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का लगाव उत्तराखंड से कितना अधिक है ये हम अच्छी तरह जानते हैं। हम धर्म—संस्कृति का उत्सव मना रहे हैं। भव्य केदार धाम और दिव्य केदार बनने जा रहा है।
प्रधानमंत्री की अगुवाई में माणा गांव के भोटिया जनजाति की महिला व पुरुषों द्वारा पौणा नृत्य और झुमैलो नृत्य किया गया। यह विविध कार्यक्रमों, पूजा और अनुष्ठानों की एक श्रृंखला है। जिसमें देवयात्रा,सामूहिक पूजा, नृत्य, लोकनाट्य, गायन,मेला का विविध आयोजन होते हैं।
समुद्रतल से 10227 फीट की ऊंचाई पर सरस्वती नदी के किनारे बसा माणा गांव में भोटिया जनजाति के 150 परिवार निवास करते हैं। देश ये आखिरी गांव सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ कई अन्य कारणों से अपनी अलग पहचान रखता है। गांव की महिलाएं ऊन का लव्वा(ऊन धोती)और अंगुड़ी (ऊन ब्लाउज) पहनती हैं। महिलाएं हर समय अपने सिर को कपड़े से ढककर रखती हैं। किसी सामूहिक आयोजन में महिलाएं और पुरुष समूह में पौणा व झुमेलो नृत्य का आयोजन करते हैं।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाबा केदार के दर्शन करने के बाद भगवान बदरी विशाल के दर्शन के लिए पहुंच थे। जहां पर बदरीनाथ धाम में प्रधानमंत्री के विशेष विमान के उतरने से पहले तीर्थयात्रियों को देवदर्शनी में रोका गया है। प्रधानमंत्री कार्यक्रम में आने वाले आम लोगों को सिर्फ मोबाइल फोन लाने की अनुमति है। बाकी हर तरह की सामग्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया हुआ है।

