ऋषिकेश। चारधाम यात्रा के रजिस्ट्रेशन में होने वाला फर्जीवाड़ा अब पूरी तरह से रूक जाएगा। पर्यटन विभाग ने इसके लिए चार धाम यात्रा के रास्ते पर श्रद्धालुओं के रजिस्ट्रेशन क्यूआर कोड की स्कैनिंग व्यवस्था की है। इससे रजिस्ट्रेशन की तिथि में बदलाव या फर्जी रजिस्ट्रेशन कराकर चार धाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुगण तुरंत पकड़ में आ जाएंगे। चारधाम की यात्रा में जाने वाले श्रद्धालुओं के रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। बता दें कि इस बार चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था शुरू की है। श्रद्धालुओं द्वारा इसके लिए पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है। जबकि ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए एडवांस स्लॉट बुकिंग कर उसी दिन दर्शन के लिए रवानगी से चारों धामों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बढ़ रही है।
इससे चारों धामों में श्रद्धालुओं की अधिक संख्या पहुंचने से दबाव बढ़ रहा है और व्यवस्था पर इसका असर पड़ रहा है। इसकी जांच करने पर पता चला कि आफलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान काफी संख्या में फर्जीवाड़ा कर श्रद्धालुओं को चारधाम पर भेजा जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस फर्जीवाडे को रोकने के लिए ही अब यात्रा मार्गों पर रजिस्ट्रेशन क्यूआर कोड की स्कैनिंग व्यवस्था लागू की गई है। चार धाम यात्रा रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई करने को पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि चारधाम यात्रा छह से सात महीने चलती है। इसलिए श्रद्धालुगण जल्दबाजी के चक्कर में फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन कराकर चारधाम के लिए रवाना हो रहे हैं।

