उत्तरकाशी। उत्तराखंड में इस समय समुद्र तल से 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित दयारा बुग्याल में पर्यटकों का जमावड़ा लगा हुआ है। बुग्याल में ऐतिहासिक व पारंपरिक रूप से मनाया जाने वाला अंढूड़ी उत्सव यानी बटर फेस्टिवल की शुरूआत बुधवार से हो रही है। इस प्रतीक्षित उत्सव की तैयारियां सरकार और प्रशासन की ओर से पूरी कर ली हैं। उत्सव में शामिल होने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कल बुधवार को दयारा बुग्याल पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन और उत्सव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस.प्रशासन अपनी तैयारी में जुटा हुआ है। गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान दयारा के लिए रवाना हो गए हैं। विधायक सुरेश चैहान सभी तैयारियों का जायजा लेंगे और मुख्यमंत्री के आगमन पर उनका स्वागत भी करेंगे। अंढूड़ी उत्सव यानी बटर फेस्टिवल के बारे में बता दें कि यह उत्सव स्थानीय निवासी और पर्यटकों का संयुक्त उत्सव है। इस उत्सव में स्थानीय ग्रामीण एवं देश-विदेश से आने वाले पर्यटक मखमली घास में खिले रंग-बिरंगे फूलों की महक के बीच दूध और मक्खन की होली खेलते हैं। मक्खन की होली का मजा उठाने को लिए पर्यटक और ग्रामीण सुबह से दयारा पहुंचना शुरू हो रहे हैं। भटवाड़ी ब्लॉक के रैथल गांव से करीब आठ किमी की दूरी पर स्थित दयारा बुग्याल 28 वर्ग किमी में दायरे में फैला हुआ है। यहां पर हर वर्ष रैथल के ग्रामीण भाद्रपद महीने की संक्राति को पारंपरिक रूप से अढूड़ी उत्सव मनाते हैं। पहाड़ी संस्कृति के रंग में रंगे इस उत्सव को ग्रामीण प्राचीन काल से मनाते आ रहे है।
इस दिन ग्रामीण दयारा बुग्याल स्थित अपनी छानियों में एकजुट होकर पशुधन समृद्धि की कामना से अपने ईष्ट देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करते हैं। उसके बाद दुग्ध पशुओं से प्राप्त दूध, दही, मटठा, मक्खन इत्यादी उत्पादों का भोग लगाने के बाद एक-दूसरे पर मक्खन लगाकर दूध और मट्ठे की होली खेलते हुए प्रकृति के प्रति अपनी श्रद्धा दर्शाते हैं। प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने इस पारंपरिक त्योहार को विदेशों के तर्ज बढ़ावा देने की बात कही। गौरतलब है कि विदेशों में इस टोमेटो फेस्टिवल और अन्य पदार्थों से होली उत्सव व्यापक पैमाने पर मनाए जाते हैं। उत्तराखंड के बटर फेस्टिवल को ऐसे ही बड़ी पहचान दिलाने का सरकार का प्रयास है।

