देहरादून। उत्तराखंड लोक सेवा चयन आयोग में भर्ती पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने अभी तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। अब भी कई लोग पुलिस की रडार में हैं। पूछताछ और सबूत मिलने के बाद ही इन लोगों की गिरफ्तारी की जाएगी। वहीं उत्तरकाशी में ‘भर्ती किंग’ के नाम से कुख्यात जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह की गिरफ्तारी से राजनीतिक गलियारे में हलचल मच गई है। बताया जा रहा है कि कुछ और हाई प्रोफाइल नाम इस मामले में संदेह के घेरे में हैं। खानपुर विधायक ने कहा है कि इतना बड़ा घोटाला जिला पंचायत का कोई सदस्य अंजाम नहीं दे सकता। पुलिस को बड़ी मछलियों पर एक्शन लेना चाहिए। एसटीएफ से मिली जानकारी के मुताबिक हाकम सिंह ने भर्ती परीक्षा में 30 से अधिक परीक्षार्थियों को पेपर साॅल्व करवाया था। आरोपी हाकम इंटर कॉलेज में अध्यापक तनुज की सहायता लेता था और उसको इस काम के लिए मोटी रकम देता था। तनुज को भी गिरफ्तार किया गया है।
उससे पूछताछ के बाद हाकम की गिरफ्तारी हुई है। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक पेपर लीक मामले में हाई प्रोफाइल लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। जिनसे जल्द पूछताछ के आधार पर गिरफ्तारी की जाएगी। इस मामले में खानपुर विधायक उमेश शर्मा ने कहा कि वन आरक्षी पेपर मामले में हाकम सिंह का नाम था। लेकिन कोरोना का लाभ उठाकर आरोपी पर एक्शन नहीं किया गया। यदि सरकार उसी समय कार्रवाई करती तो फिर से इतना बड़ा घोटाला नहीं होता। उमेश कुमार ने कहा कि किला अकेला जिला पंचायत सदस्य नहीं भेद सकता। इसमें मंत्री और बड़े नेता के अलावा नौकरशाहों का संरक्षण है। उन्हें पकड़ना जरूरी है। सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वह बड़ा आंदोलन करेंगे।

