- श्रम संविदा बोर्ड के अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी
न्यूज़ डेस्क। कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। उनके स्थान पर श्रम संविदा बोर्ड के अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। बतौर श्रम मंत्री बोर्ड अध्यक्ष पद का दायित्व संभाल रहे हरक सिंह रावत की ऐसे समय में छुट्टी की गई है जब बोर्ड खुद लगातार विवादों में घिरा हुआ है। सचिव श्रम हरबंस सिंह चुघ की ओर से इसके आदेश जारी किए गए।
2017 में बोर्ड में बदलाव के बाद श्रम मंत्री बनने के कुछ समय बाद ही हरक सिंह रावत ने बोर्ड की कमान अपने हाथ में ले ली थी। तभी से बोर्ड का कामकाज लगातार विवादों में रहा। क्योंकि 2005 में गठित हुए बोर्ड में पहले अध्यक्ष पद का दायित्व सचिव श्रम ही संभालते थे।
बोर्ड में सचिव का दायित्व श्रमायुक्त के पास रहता था। दमयंती रावत द्वारा शिक्षा विभाग से बिना एनओसी प्रतिनियुक्ति पर बोर्ड सचिव का पद संभालने को लेकर शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे और श्रम मंत्री के बीच विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी। कुछ दिनों पहले देहरादून के गांधी ग्राम में आम आदमी पार्टी की टोपी पहने हुए लोगों के साइकिल बांटने पर भी विवाद खड़ा हुआ। जो साइकिलें बांटी गईं, उनमें बोर्ड का लोगो लगा हुआ था।
सीएम त्रिवेंद्र रावत ने जांच के निर्देश भी दिए। बोर्ड के अध्यक्ष श्रम मंत्री हरक सिंह रावत की पुत्रवधू के एनजीओ को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका भी जून 2020 में दायर हुई। इस मामले में श्रम मंत्री हरक सिंह रावत, पुत्रवधू अनुकृति गुसाईं, सचिव श्रम और केंद्र सरकार के श्रम विभाग को भी नोटिस जारी हुए। यह मामला अभी उत्तराखंड हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
बोर्ड के खाते में अभी 100 करोड़ से ज्यादा का बजट बताया जा रहा है। भवन निर्माण से जुड़े श्रमिकों को उपकरण, साइकिल, सिलाई मशीन और उनके बच्चों को छात्रवृत्ति दी जाती है। लॉकडाउन में बड़े पैमाने पर राशन किट और एक एक हजार रुपये की आर्थिक मदद भी बोर्ड की ओर से ही दी गई। राज्य में भवन निर्माण मानचित्र पास कराने का एक प्रतिशत लेबर सेस बोर्ड के खाते में ही आता है।

