उन्नाव रेप कांड के दोषी और बीजेपी के पूर्व नेता कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत पर रिहाई को उनकी बेटी के वैवाहिक कार्यक्रमों तक सीमित कर दिया। दिल्ली उच्च न्यायलय ने कुलदीप सेंगर को अब दो हिस्सों में ज़मानत दी है, 27 से 30 जनवरी तक और उसके बाद 6 से 9 फरवरी तक. पहले उसे 27 जनवरी से 10 फरवरी तक ज़मानत दी गयी थी. यानीं पहले मिली 15 दिनों की ज़मानत अब सिर्फ आठ दिन की रह गयी है और वो भी दो हिस्सों में.
दो हिस्सों में ज़मानत
इसका मतलब है कि कुलदीप सेंगर अंतरिम ज़मानत के पहली मियाद के बाद 31 जनवरी को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करेगा और फिर उसके बाद ज़मानत की दूसरी मियाद जो 6 से 9 फरवरी है को बिताने के बाद खुद को पुलिस के हवाले करेगा। बता दें कि कुलदीप सेंगर की बेटी की शादी 8 फरवरी को है. बेटी के शादी में शिरकत करने और इंतज़ाम वगैरह करने के लिए कुलदीप सेंगर ने दो महीने की ज़मानत मांगी थी जिसपर अदालत ने उसे 27 जनवरी से 10 फरवरी तक अंतिरम ज़मानत दे दी थी.
पीड़िता ने लगाई थी गुहार
सेंगर की ज़मानत के खिलाफ पीड़िता ने हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी और कहा था उसे कुलदीप सेंगर से जान का खतरा है. पीड़िता की याचिका पर आज फैसला देते हाई कोर्ट ने सेंगर की ज़मानत को सिर्फ विवाह कार्यक्रमों तक सीमित कर दिया। अदालत ने अंतरिम ज़मानत को दो हिस्सों में कर दिया और बीच के दिन कुलदीप को पुलिस कस्टडी में बिताने होंगे। शादी संपन्न होने के बाद उसे 10 फरवरी को दोबारा आत्मसमर्पण कर जेल जाना होगा। इससे पहले पीड़िता के अधिवक्ता महमूद प्राचा ने बताया था कि सेंगर को अब अंतरिम जमानत की जगह हिरासत पैरोल प्रदान की जा सकती है। महमूद प्राचा ने दलील दी कि पीड़ित परिवार को सुरक्षा मिलने के बावजूद धमकियां मिल हैं।

