कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 22 अक्टूबर को शाम 6:02 मिनट से होगा। त्रयोदशी तिथि का समापन 23 अक्टूबर 2022, शाम 6:03 मिनट पर होगा। धन्वंतरि देव की पूजा का शुभ मुहूर्त 23 अक्टूबर रविवार को 5: 44 मिनट से 6: 05 मिनट तक रहेगा।
धनतेरस के दिन शाम के समय शुभ मुहूर्त में उत्तर की ओर कुबेर और धन्वंतरि की स्थापना करें। इसके बाद मां लक्ष्मी व गणेश की प्रतिमा भी रखें। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलित करें और विधिवत पूजन करना भी आरंभ करें।
रोली से तिलक करने के बाद पुष्प,फल आदि चीजें अर्पित करें। कुबेर देवता को सफेद मिष्ठान और धन्वंतरि देव को पीली मिठाई का भोग लगाएं। पूजन के दौरान ‘ऊँ ह्रीं कुबेराय नमः’ मंत्र का जाप करें। भगवान धन्वंतरि को प्रसन्न करने के लिए धन्वंतरि स्तोत्र का पाठ जरूर करें।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार,समुद्र मंथन के समय भगवान धन्वंतरि धनतेरस के दिन ही हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन धनवंतरि पूजन किया जाता है। धनतेरस के दिन धन की देवी लक्ष्मी, कोषाध्यक्ष कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन विधि पूर्वक पूजा करने से घर में धन की कमी नहीं होती। इस दिन धातु या फिर बर्तन खरीदने की परंपरा भी है।

