मेरठ। कोरोना वायरस की तीसरी लहर (Covid third wave) की समाप्ति के बीच अब 12—14 साल के बच्चों के लिए टीकाकरण की सुविधा शुरू हो गई है। इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों में रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं। 12—14 के बच्चों को लगने वाली वैक्सीन कोवैक्सीन, कोविशील्ड, स्पूतनिक या माडर्ना नहीं है। बल्कि इस वैक्सीन का नाम है कोर्बेवैक्स। देश के केंद्रीय औषधि प्राधिकरण की विशेषज्ञ समिति ने बच्चों के लिए इस वैक्सीन को प्रयोग की अनुमति दी है। यह वैक्सीन बायोलॉजिकल ई की है। जो कि कोविड-19 से निपटने के लिए काफी सक्षम मानी गई है। कोविड 19 वैक्सीन ‘कोर्बेवैक्स’ 12—14 साल तक के बच्चों के लिए बनाई गई है। बच्चों को कोरोना से बचाव के लिए इस वैक्सीन का प्रयोग काफी प्रभावी बताया जा रहा है।

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बता दें कि भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) कोर्बेवैक्स को पहले ही मंजूरी दे चुका है। कोर्बेवैक्स आरबीडी आधारित वैक्सीन है। बायोलॉजिकल ई की कोर्बेवैक्स वैक्सीन (Corbevax vaccine) को हालांकि 12 से 18 साल के किशोर किशोरियों को लगाने की अनुमति प्रदान की गई है। कोर्बेवैक्स टीका मांसपेशियों के माध्यम से शरीर में पहुंचाया जाता है और दो डोज के बीच कम से कम 28 दिन का अंतर होना जरूरी है। इस वैक्सीन को दो से आठ डिग्री तापमान पर रखा जाता है। इस वैक्सीन को लगाने के बाद कोविशील्ड या कोवैक्सीन की तरह बुखार आने या उल्टी आने की संभावना नहीं रहती है। वहीं यह भी कहा गया है कि यह वैक्सीन बच्चों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है। यह वैक्सीन बच्चों को कोरोना के अलावा अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए भी सुरक्षा कवच का काम करेंगा।



