मेरठ। प्रदेश में भाजपा सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) चुनाव क्या हारे उनका राजनीतिक भविष्य भी दांव पर लग गया है। अब उनके इस राजनीतिक भविष्य का फैसला संघ और पार्टी संगठन करेंगे।
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भाजपा के पिछड़े वर्ग के कदावर नेता केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) के सिराथू विधानसभा से चुनाव हारने पर उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलों का दौर शुरू है। बता दें कि केशव प्रसाद मौर्य अभी विधान परिषद सदस्य हैं। ऐसे में केशव को योगी सरकार पार्ट टू में जगह मिल सकती है। लेकिन वही दूसरी ओर ये संभावना भी जताई जा रही है कि केशव को पार्टी की राष्ट्रीय टीम में शामिल किया जा सकता है। इसका निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व लेगा कि आखिर केशव का किया क्या जाए।
विश्व हिंदू परिषद से बीजेपी में आये केशव को विहिप के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल के करीबी बताया जाता है। वहीं केशव मौर्य को आरएसएस के सह कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के अलावा सर सह कार्यवाह कृष्णगोपाल का भी करीबी माना जाता है।
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पार्टी पिछड़े वर्ग के वोट बैंक को ध्यान में रखकर ही केशव के मुद्दे पर निर्णय लेगी। दिल्ली में आज और कल होने वाली बैठक में संघ और भाजपा के शीर्ष नेताओं द्वारा केशव को लेकर बात की जाएगी। इसी बैठक में केशव का राजनीतिक भविष्य तय किया जाएगा।

