नोएडा। जिले में सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट सोसाइटी में बने अवैध ट्विन टावर (सियान और एपेक्स) ध्वस्त करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इनके ध्वस्तीकरण करने का कार्य काफी तेजी पर है। लेकिन अवैध ट्विन टावर (Twin Tower) को ध्वस्त करने के दौरान डिमोलेशन के एक्सपर्ट इंजीनियर के सामने नित्य नई मुसीबतो का सामना करना पड रहा है। नई मुसीबत है ट्विन्स टावर के बेसमेंट में भरा हुआ पानी इंजीनियरों की परेशानी बढ़ा रहा है।
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दक्षिण अफ्रीका के डिमोलेशन के एक्सपर्ट इंजीनियर दक्षिण अफ्रीका के एजेंसी को इसका जिम्मा मिला है। आगामी 14 मई तक ट्विन्स टावर की 43 मंजिला इमारत को ध्वस्त किया जाना है। जिसके लिए विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। लेकिन इन टावरों को तोड़ने के दौरान एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। ट्विन्स टावर (Twins Tower) के बेसमेंट में पानी भरने से इंजीनियरों की परेशानी बढ़ गई है। इंजीनियर दो दिन से पानी निकालने का प्रयास कर रहे हैं। पंपसेट लगाकर पानी निकालते ही बेसमेंट में फिर से पानी भर जा रहा है। फिलहाल यह पता नहीं चला पाया है कि बेसमेंट में पानी कहां से आ रहा है। इंजीनियरों की टीम यह पता लगाने में जुटी है।
एडिफिस कंपनी करीब एक माह से ट्विन टावर ( Twin Tower) गिराने की तैयारी कर रही है। 200 से अधिक मजदूर टावर के फ्लैटों के अंदर और बाहर की दीवारें तोड़ने में जुटे हैं। इससे निकले हुए मलबे को टावर के बेसमेंट में भरना था। मगर जब बेसमेंट में काम करने की बारी आई तो पता चला कि उसमें एकाएक उसमें कहीं से पानी भर गया है। पानी लगातार बढ़ता जा रहा है। इंजीनियरों की टीम ने बेसमेंट में पंपसेट लगाकर पानी बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अभी पानी को बाहर निकालने में कितना समय लगेगा इसका पता नहीं है। पानी का स्तर कम नहीं होने से इंजीनियरों की परेशानी बढ़ गई है। प्लान के अनुसार सोमवार से बेसमेंट में मलबा भरने की तैयारी थी। पानी नहीं निकलने से इंजीनियर वैकल्पिक प्लान बनाने की तैयारी में जुटे हैं।
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इंजीनियरों की देखरेख में ट्विन टावर ( Twin Tower) के 21 मंजिल तक विस्फोटक लगाने के लिए निशान बना दिए गए हैं। जल्द ही पूरे टावर पर निशान लगा दिया जाएगा। कंपनी की ओर से दीवारों की पेंटिंग भी कराई जा रही है। इस पर अहम दिशानिर्देश लिखे जाएंगे।

