Uttarakhand News Today: उन्माद और तनाव को कांवड़ यात्रा से दूर रखना पुलिस के लिए चुनौती

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हरिद्वार। उदयपुर की घटना के बाद से और उससे पहले देश में कई जगहों पर सांप्रदायिक उन्माद और तनाव की घटनाएं हो चुकी है। दो साल के बाद शुरू हुई कांवड़ यात्रा इस बार पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती से कम नहीं है। ऐसे उन्माद और तनाव को कांवड़ यात्रा से दूर रखना पुलिस के लिए काफी चुनौती भरा होगा। आगामी 14 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू होने जा रही है। कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए और संप्रदायिक घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन सतर्कता बरत रहा है। इससे निपटने के लिए पुलिस ने खुफिया तंत्र को सक्रिय किया है। पुलिस सामाजिक लोगों, व्यापारियों और साधु-संतों के साथ इस बारे में चर्चा करके लोगों को जागरूक करने का भी अभियान चला रही है। कांवड़ यात्रा के दौरान संप्रदाय विशेष पर टिप्पणी और भड़काऊ गाने बजाने वालों पर पुलिस की खास नजर रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि जो माहौल खराब करने का प्रयास करेगा उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा।

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एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि हम लोग लगातार होमवर्क कर रहे हैं। इंटेलिजेंस विंग को सक्रिय कर दिया है। हर थाने को निर्देशित किया है कि अपने क्षेत्र में संभ्रांत व्यक्तियों की बैठक करें और लोगों को जागरूक करें। उनसे अपील करें कि वो कावंड यात्रा को सकुशल संपन्न कराने में सहयोग प्रदान करें। यात्राओं के दौरान भड़काऊ गानों को लेकर सवाल पर कहा कि ऐसी चीज़ों को नियंत्रित करने के लिए पूरा प्रयास रहेगा।

साधु-संत भी मानते हैं कि कांवड़ यात्रा धर्म यात्रा है। यात्रा में असामाजिक तत्वों के लिए कोई जगह नहीं।   भड़काऊ और उत्तेजित करने वाले गाने कांवड़ यात्रा में नहीं बजाए जाने चाहिए।  अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी का कहना है कि यह धार्मिक आस्था का प्रश्न है और इसमें किसी  प्रकार के असामाजिक तत्व माहौल को बिगाड़ते हैं तो पुलिस उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए।

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