फिरौती की रकम के बाद भी बरामद नही युवक
कानपुर साउथ की पुलिस का हसीन कारनामा
बदमाशो से पुलिस की साँठगाँठ फिर हुई उजागर
कानपुर : जिस कानपुर क्षेत्र में अभी हाल ही में बदमाशों के द्वारा आठ पुलिसकर्मियों की नृशंस हत्या कर दी गई । उसके बाद भी पुलिस की साँठगाँठ बदमाशो के साथ कम नही हो रही है। उत्तर प्रदेश के ईमानदार और सख्त मिजाज कहे जाने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पुलिस कितनी बड़ी बेईमान हो गई है,इसका अंदाजा आप इस घटनाक्रम से लगा सकते हो। जहाँ पुलिस ने पीड़ित परिवार से फिरौती की तीस लाख रुपये की रकम का बंदोबस्त कराते हुए बदमाशो को दिला दिया,लेकिन युवक को आजतक बरामद नही कर सकी है और न किसी बदमाश को गिरफ्तार कर पाई है।पुलिस की लापरवाही और बेरुखी का बेशर्म नजारा कानपुर साउथ में दिखाई दिया। एक लाचार बहन अपहरण हुए भाई के लिए के लिए रो रोकर पुलिस को कोसती रही।
मिली जानकारी के अनुसार एसपी की चौखट पर न्याय की गुहार लगाने पहुँची बर्रा निवासी पीड़ित महिला अर्पणा ने बताया कि उसका बेटा संजीत यादव का 22 दिन पूर्व अपहरण कर लिया गया था। वह पैथोलॉजी कर्मचारी था और रात को घर लौट रहा था।इसके बाद अपहरण कर्ताओं ने घरवालों को फोन करके तीस लाख फिरौती मांगी ,पीड़िता का कहना है कि जब इस अपहरण की शिकायत पुलिस से की गई तो पुलिस ने संजीत की गुमशुदी लिखकर घरवालों को समझाया की तुम पैसे की व्यवस्था करो हम पैसे देते समय अपराधी को पकड़ लेंगे।घरवालों ने मकान और बहन का शादी वाला जेवर बेचकर सोमवार की रात को पुलिस ने घरवालों से तीस लाख रुपया भी दिलवा दिया।अब पुलिस की कलाकारी देखो कि रुपया देते समय आसपास थानेदार और पुलिस मौजूद थी,लेकिन न अपराधी पकड़े गए और न पैसा रोक पाए।
कमाल यह है कि शासन अपराध को रोकने की हिदायत दे रहा है और पुलिस ठेंगा दिखा रही है। इसका प्रमाण है कि पुलिस ने घरवालों से मकान बिकवाकर खुद अपरहरण करने वालों को 30 लाख रुपया भी दिलवा दिया लेकिन न भाई को बरामद कर सकी न कोई अपराधी पकड़ पाई।अब बहते आंसू के साथ चीख चीखकर पुलिस पर दगाबाजी का आरोप लगाती बहन रूचि माँ अपर्णा के साथ पुलिस से इन्साफ मांग रही है। बड़ा सवाल यह है कि संजीत का अपहरण करने वालो ने घरवालों को लगभग पंद्रह फोन किये और पुलिस फोन को सर्विलांस पर लगाए थी। इसके वावजूद पुलिस आजतक कुछ नहीं कर पाई। सोमवार को तो चार थानों की फ़ोर्स लगी रही और घरवालों से अपराधी बैग लेकर चले गए। इसके पहले एक बार पुलिस ने घरवालों से पत्थर से भरा बैग फिकवाया था। हैरानी वाली बात है की घरवालों के पास एक ही फोन नंबर से फिरौती मंगाते रहे फिर भी पुलिस कुछ नहीं कर पाई। अब जब पैसा भी चला गया तो अधिकारी कार्यवाही की बात कह रहे है।

