बुधवार को होने वाली पंचायत में प्रदेश की करीब 50 खापों के प्रतिनिधि शिरकत करेंगे
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी रहेंगे मौजूद
न्यूज डेस्क। कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में कल होने वाली जींद की कंडेला खाप की पंचायत में आंदोलन की रणनीति तय की जायेगी। बुधवार को होने वाली इस ऐतहासिक पंचायत में प्रदेश की करीब 50 खापों के प्रतिनिधि शिरकत करेंगे। वहीं भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी पंचायत में मौजूद रहने का ऐलान किया है। इस पंचायत पर सत्तारूढ भाजपा से लेकर विपक्षी दलों तक की निगाह लगी हुई है। पूर्व में हुए किसान आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली और कड़े फैसलों के लिये जानी जाती कंडेला खाप ने गाजीपुर बार्डर पर लगभग समाप्त हो चले आंदोलन को पुर्नजीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
वर्ष 2002 में बिजली बिल माफी आंदोलन को लेकर सुर्खियों में आयी कंडेला खाप देश की सबसे चर्चित खाप मानी जाती है। बिजली बिल माफी आंदोलन में दो माह तक जींद-चंडीगढ़ मार्ग को किसानों ने जाम रखकर अनेक अधिकारियों को बंधक बनाया था। इस अंदोलन का का केंद्र बिंदू कंडेला था। मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चैटाला के कार्यकाल में हुए इस आंदोलन में नौ किसानों की मौत गोलीबारी के कारण हो गयी थी। किसानों की सरकार से नाराजगी इस कदर थी कि मुख्यमंत्री होने के बावजूद चैटाला अपने कार्यकाल में उस मार्ग से कभी नहीं गुजरे। इस ऐतहासिक आंदोलन के 16 साल बाद यानि 2018 में ओपी चैटाला के पोते दुष्यंत चैटाला को कंडेला में आने दिया गया।
ऐसे में कंडेला खाप के ऐतहासिक चबूतरे पर बुधवार को होेने वाली पंचायत में बड़ा फैसला लिये जाने की संभावना बलवती है। 50 खापों के लोगों के बीच पहुंचने वाले राकेश टिकैत किस प्रकार समर्थन हासिल करते हैं इस पर सभी राजनीतिक दलों के साथ किसान संगठनों की भी निगाह लगी हुई हैं। देखना यह होगा कि कल पंचायत में क्या निर्णय होगा और उसका दिल्ली बार्डर पर चल रहे किसान आंदोलन पर क्या असर होगा।

