नई दिल्ली। साल 1991 में एक बॉलीवुड की एक सौदागर नाम की फिल्म आयी थी। इस फिल्म में जानेमाने कलाकार राजकुमार का एक डॉयलॉग आज भी लोगों की जुबां पर है- जानी… हम तुम्हें मारेंगे और जरूर मारेंगे… लेकिन वो बंदूक भी हमारी होगी, गोली भी हमारी होगी और वक्त भी हमारा होगा। कुछ इसी अंदाज में अमराका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस्लामिक स्टेट को ललकारा है।
गुरुवार को काबुल एयरपोर्ट के पास विस्फोटों के बाद अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस्लामिक स्टेट को चेतावनी देते हुए कहा कि, आतंकी नहीं बचेंगे। कहा कि आईएस के गुनहगारों को अमेरिका तलाश कर उनके गुनाहों सजा देगा। हम अपनी जगह और अपने समय पर गुनहगारों को करारा जवाब देंगे।
जो बाइडेन अपने सैनिकों और आम अफगानियों की मौत से इस कदर आहत है कि, एक प्रेसवार्ता के दौरान वह काफी भावुक हो गये। बोले, आईएसआईएस को हर हाल में इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। इस जख्म को हम कभी नहीं भूल सकेंगे और एक-एक आतंकी को खोजकर उसे मौत की सजा दी जाएगी।
Read also: हम हमलावरों को ढूंढ निकालेंगे : अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन
जो बाइडेन के मुताबिक, हमला जिन्होंने भी किया है या फिर भविष्य में वो जो अमेरिका को छति पहुंचाने की फिराक में हैं, यह बात समझ लें कि उनको अब माफ नहीं किया जाएगर। हम अपने दुश्मनों को तलाशना जानते हैं और सजा देना भी। कुलमिलाकर काबुल अटैक के बाद जो अमरीका ने इस्लामिक स्टेट के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया है।
यूएस प्रेसिडेंट बोले, हमारी इंटेलिजेंस ने बता दिया था कि, आईएसआईएस आतंकी अमरीकी नागरिकों को निशाना बनाना चाहते हैं। हमारे कमांडोज भी इस बात के पक्षधर है कि अमरीका को अपना मिशन पूरा करना चाहिए। इसे पूरा हम करके ही अब शांत बैठेंगे। आतंकवादियों की हार होगी और हम अपने लोगों को बचाकर निकाल लाएंगे।
इस बीच फ्रांसीसी प्रेसिडेंट इमैन्युएल मैक्रों का बयान आया है कि, धमाके से हालात बेहाल हो गए हैं। हम अपने राजदूत बुला रहे हें। रूसी प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन के भी मुताबिक, तालिबान को मान्यता देने पर अब अभी निर्णय नहीं लेंग।
Read also: काबुल धमाकों के बाद बाइडेन के साथ इजरायली पीएम की बैठक पुनर्निर्धारित
मालूम हो कि गुरुवार को ही अफगानिस्तान के काबुल हवाई अड्डे के करीब आत्मघाती हमलों और बंदूकधारियों ने यहां मौजूद भीड़ पर धावा बोला, विस्फोट किये जिससे अब तक 90 लोगों की मौत हो गई है। काफी लोग घायल भी हैं। इस टेरेरिस्ट अटैक में अमरीका के भी 13 नौ-सैनिक मारे गए हैं, 18 घायल हुए हैं।

