न्यूज़ डेस्क – बांग्लादेश में जारी हिंसा को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हिंसा के पीछे पाकिस्तान की सेना और उसकी खुफिया एजेंसी ISI की भूमिका बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर के इशारे पर ISI ने बांग्लादेश में गुप्त रूप से अपना ढाका सेल सक्रिय किया है।
जानकारी के अनुसार, यह ढाका सेल ढाका स्थित पाकिस्तानी हाई कमीशन से काम कर रहा है। दावा है कि इसका गठन पिछले साल नवंबर में किया गया था। बांग्लादेशी पत्रकार सलाउद्दीन शोएब के मुताबिक, इस सेल की कमान एक पाकिस्तानी ब्रिगेडियर के हाथ में है और इसमें मेजर समेत कई पाकिस्तानी अधिकारी शामिल हैं।
सत्ता और चुनाव को लेकर साजिश का आरोप
खबरों के मुताबिक, ISI के इस ढाका सेल का मकसद बांग्लादेश में कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी को सत्ता में लाना बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सेल चाहता है कि चुनाव तक मौजूदा मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस पद पर बने रहें, ताकि चुनावी माहौल जमात के पक्ष में तैयार किया जा सके।
यह भी आरोप लगाया गया है कि ढाका सेल हर महीने करीब 20 करोड़ टका खर्च कर रहा है। यह पैसा ड्रग्स तस्करी और नकली भारतीय नोटों के धंधे से आने की बात कही जा रही है।
हिंसा की हालिया घटनाएं
12 दिसंबर को 2024 के छात्र आंदोलन से जुड़े नेता शरीफ उस्मान हादी पर गोलीबारी की गई थी। इलाज के दौरान सिंगापुर में उनकी मौत हो गई। इसके बाद बांग्लादेश में हिंसा और भड़क गई। कई मीडिया हाउसों में आगजनी हुई और एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
सरकार की प्रतिक्रिया
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने हिंसा, आगजनी और धमकियों की कड़ी निंदा की है। सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने और उकसावे से दूर रहने की अपील की है।
गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद से बांग्लादेश में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं, खासकर अल्पसंख्यक समुदायों के लिए।
फिलहाल इन आरोपों को लेकर स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और मामले पर सभी की नजरें टिकी हैं।

