इराक में आये रेतीले तूफान से वहाँ हाहाकार मच गया है, जहाँ इस तूफान के कारण 4000 लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है, वहीं इन्हें तूफान के कारण सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ा है। दूसरी ओर इस तूफान के कारण इराक में हवाई अड्डों, स्कूलों और दफ्तरों को पूरी तरह से बन्द कर दिया गया है, देश में इस तूफान के कारण कर्फ्यू जैसा माहौल हो गया है।
जानकारी के अनुसार यह रेतीला तूफान बहुत ही भयंकर था, जहाँ इसके घने बादलों ने राजधानी बगदाद को नारंगी रंग की चमक से पूरी तरह ढ़क दिया। वहीं इस तूफान का असर दक्षिणी इराक के शिया बहुल नजफ और उत्तरी कुर्द स्वायत्त क्षेत में सुलेमानियाह जैसे में व्यापक रूप से दिखा है, जहाँ धूल इन इलाकों के छतों, कारों और घरों में बुरी तरह घुस गयी।
वहीं इस तूफान के मद्देनजर इराक के 18 प्रांतों में से 7 प्रांतों में सभी सरकारी कार्यालय को बन्द करने के दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं, इसके साथ ही स्कूल, कॉलेज आदि को भी बन्द किया गया है। वहीं इस दौरान अस्पतालों को खुला रखा गया है, जिससे कि बुर्जुगों और दमे की बीमारी से पीड़ित लोगों का इलाज किया जा सके। वहीं अभी इसी महीने की शुरुआत में ही एक और तूफान ने इराक को इसी तरह परेशान किया था, जहाँ 5000 लोंगो को साँस लेने में तकलीफ का सामना करना पड़ा था। वहीं इन तूफानों का कारण भीषण सूखा, भू क्षरण आदि बताया जा रहा है।

